Kullu: नाबालिग लड़की से दुष्कर्म और मानव तस्करी मामले में 3 दोषियों को कारावास

Edited By Kuldeep, Updated: 13 Jul, 2026 09:43 PM

kullu accused imprisonment

विशेष न्यायाधीश (सत्र न्यायाधीश) कुल्लू प्रकाश चंद राणा की अदालत ने सोमवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए मानव तस्करी, जबरन वेश्यावृत्ति और पोक्सो अधिनियम के तहत गंभीर अपराधों में संलिप्त 3 आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष के कारावास और...

कुल्लू: विशेष न्यायाधीश (सत्र न्यायाधीश) कुल्लू प्रकाश चंद राणा की अदालत ने सोमवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए मानव तस्करी, जबरन वेश्यावृत्ति और पोक्सो अधिनियम के तहत गंभीर अपराधों में संलिप्त 3 आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष के कारावास और भारी जुर्माने की सजा सुनाई। दोषियों में शिव शंकर उर्फ सिकंदर (पुत्र सीता राम) निवासी लालगंज, जिला बरेली, उत्तर प्रदेश वर्तमान में निवासी जीरकपुर मोहाली, नितिन जैन उर्फ मन्नू (पुत्र विजय कुमार जैन, निवासी करनाल, हरियाणा) तथा पीड़ित बच्ची की मां शामिल है। इन तीनों को भारतीय दंड संहिता की धाराओं 376, 370, 370ए, 506, 120 बी, पोक्सो अधिनियम की धारा 4 व 17 और अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम की धाराओं 3, 4 व 6 के तहत दोषी पाया गया है।

इस फैसले में शिव शंकर उर्फ सिकंदर (मुख्य आरोपी) को न्यायालय ने धारा 376(2) भारतीय दंड संहिता, धारा 370 (4) भारतीय दंड संहिता, धारा 120बी. भारतीय दंड संहिता तथा अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम की धारा 4 व 6 के तहत प्रत्येक अपराध के लिए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और क्रमशः 20-20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। इसके अतिरिक्त धारा 370-ए (1) भारतीय दंड संहिता के तहत 5 वर्ष का कठोर कारावास व 5 हजार रुपए जुर्माना तथा धारा 506 भारतीय दंड संहिता के तहत 3 वर्ष का कठोर कारावास व 3 हजार रुपए जुर्माने की सुनाई गई है।

नितिन जैन उर्फ मन्नू को अदालत ने धारा 370(4) भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी. भारतीय दंड संहिता तथा अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम की धारा 4 व 6 के तहत 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। इसके अलावा पोक्सो एक्ट की धारा 17 के तहत 7 वर्ष का कठोर कारावास व 10 हजार रुपए जुर्माना, धारा 370-ए (1) के तहत 5 वर्ष का कठोर कारावास व 5 हजार रुपए जुर्माना और धारा 506 के तहत 3 वर्ष का कठोर कारावास व 3 हजार रुपए जुर्माने की सजा दी गई है।

अपनी ही बेटी को इस दलदल में धकेलने के जुर्म में अदालत ने मां को भी धारा 370(4), धारा 120 बी. तथा अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम की धारा 4 व 6 के तहत 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई गई है। साथ ही पोक्सो अधिनियम की धारा 17 के तहत 7 वर्ष का कठोर कारावास व 10 हजार रुपए जुर्माना और धारा 370-ए(1) भारतीय दंड संहिता के तहत 5 वर्ष के कठोर कारावास व 5 हजार रुपए जुर्माने की सजा भुगतनी होगी।

अदालत के आदेशानुसार यदि दोषी जुर्माना अदा नहीं करते हैं तो उन्हें 3 महीने से लेकर 1 वर्ष तक का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। सभी मुख्य सजाएं एक साथ चलेंगी। जिला न्यायवादी कुलभूषण गौतम ने बताया कि यह मामला 29 अप्रैल 2018 को सामने आया था, जब काऊंसलर चाइल्ड हैल्पलाइन मनाली की टीम पीड़ित बच्ची को लेकर पुलिस थाना मनाली पहुंची और शिकायत दर्ज करवाई। इसमें आरोप आरोप लगाया गया था कि पीड़ित बच्ची व अन्य युवतियों को जान से मारने की धमकी देकर जबरन वेश्यावृत्ति के धंधे में धकेला गया था जहां उनसे क्लबों में डांस करवाया जाता था और विभिन्न होटलों में ग्राहकों के पास भेजकर भारी रकम वसूली जाती थी।

पीड़ित बच्ची ने बताया था कि उसकी सगी मां ने ही उसे इस व्यापार में धकेला था, जिसके एवज में आरोपी सिकंदर ने उसकी मां को 40 हजार रुपए प्रति माह देने का वायदा किया था। शिव शंकर उर्फ सिकंदर और नितिन जैन उर्फ मन्नू दोनों मिलकर इस अनैतिक धंधे को संचालित करते थे। शिकायत के आधार पर पुलिस थाना मनाली में मामला दर्ज किया गया था। जांच के बाद पुलिस ने अदालत में चालान पेश किया। अभियोजन पक्ष ने आरोपों को साबित करने के लिए 14 गवाह पेश किए जिसके आधार पर न्यायालय ने फैसला सुनाया।

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