Edited By Vijay, Updated: 24 Oct, 2026 12:14 PM

हिमाचल पथ परिवहन निगम के सेवानिवृत्त कर्मचारी पिछले करीब एक साल से अपनी ही पैंशन और वित्तीय देयताओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। स्थिति यह है कि बीते दिसम्बर के बाद सेवानिवृत्त हुए कई कर्मचारियों को अब तक पैंशन का भुगतान नहीं किया गया है।
शिमला (राजेश): हिमाचल पथ परिवहन निगम के सेवानिवृत्त कर्मचारी पिछले करीब एक साल से अपनी ही पैंशन और वित्तीय देयताओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। स्थिति यह है कि बीते दिसम्बर के बाद सेवानिवृत्त हुए कई कर्मचारियों को अब तक पैंशन का भुगतान नहीं किया गया है। उम्र भर निगम की बसों के जरिए प्रदेश की जनता को सेवाएं देने वाले ये कर्मचारी अब अपने हक के लिए आंदोलन की राह पर हैं।
प्रबंध निदेशक के साथ हुई अहम बैठक
लंबित वित्तीय मांगों को लेकर बीते शुक्रवार को एचआरटीसी पैंशनर्स जॉइंट एक्शन कमेटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने निगम के प्रबंध निदेशक शिवम प्रताप के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में पैंशनरों ने अपनी रुकी हुई पैंशन और अन्य वित्तीय देनदारियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। इसके जवाब में प्रबंध निदेशक ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उनकी सभी मांगों और समस्याओं को राज्य सरकार के समक्ष रखा जाएगा।
मांगें न मानने पर दिवाली पर धरने की चेतावनी
प्रबंध निदेशक के आश्वासन के बावजूद पैंशनरों ने अपना रुख कड़ा कर लिया है। जॉइंट एक्शन कमेटी ने निगम प्रबंधन और प्रदेश सरकार को खुली चेतावनी दी है कि यदि 31 अक्तूबर तक उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो 3 नवम्बर को एचआरटीसी मुख्यालय का घेराव किया जाएगा। कमेटी के सचिव राजेंद्र ठाकुर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो सेवानिवृत्त कर्मचारी इस बार की दिवाली भी मुख्यालय के बाहर ही मनाएंगे।
बैठक में ये पदाधिकारी रहे मौजूद
शुक्रवार को हुई इस बैठक में पेंशनर्स संगठनों के कई प्रमुख चेहरे शामिल रहे। इनमें हिमाचल पथ परिवहन पैंशनर्स कल्याण संगठन के प्रधान देवराज ठाकुर, पैंशनर्स कल्याण मंच के सचिव रूप चंद शर्मा, अध्यक्ष बृज लाल, केसी चौहान, अजमेर ठाकुर और देवेंद्र चौहान सहित अन्य पदाधिकारी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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