Edited By Vijay, Updated: 23 Oct, 2026 10:00 PM

हिमाचल प्रदेश सरकार ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से एक बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं और सहायिकाओं की भर्ती के लिए निर्धारित पात्रता शर्तों में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया...
शिमला (ब्यूरो): हिमाचल प्रदेश सरकार ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से एक बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं और सहायिकाओं की भर्ती के लिए निर्धारित पात्रता शर्तों में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। सरकार के इस फैसले से उन हजारों महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा, जो आय सीमा के कारण पहले आवेदन करने से वंचित रह जाती थीं।
जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार ने 24 अगस्त 2023 को जारी की गई अपनी पिछली अधिसूचना में आवश्यक बदलाव किया है। पुराने नियमों के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता या सहायिका के पद पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के परिवार की अधिकतम वार्षिक आय 50,000 रुपए निर्धारित थी, लेकिन नए संशोधन के बाद इस सीमा को 25,000 रुपए बढ़ाकर अब 75,000 रुपए कर दिया गया है। यानी अब जिन महिलाओं के परिवार की सालाना आय 75 हजार रुपए तक है, वे भी इन पदों के लिए बेझिझक आवेदन कर सकेंगी।
पात्रता शर्तों में संशोधन के साथ-साथ सरकार ने आय प्रमाण पत्र को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। नए नियमों के अनुसार, आवेदन करने वाली उम्मीदवार के परिवार की आय का प्रमाण पत्र सक्षम अधिकारी द्वारा ही जारी होना चाहिए। यह अनिवार्य किया गया है कि आय प्रमाण पत्र संबंधित क्षेत्र के नायब तहसीलदार, तहसीलदार या कार्यकारी मैजिस्ट्रेट द्वारा विधिवत प्रमाणित हो। अधिकृत अधिकारी के हस्ताक्षर के बिना आय प्रमाण पत्र मान्य नहीं होगा। इस संशोधन के बाद प्रदेश भर में खाली पड़े आंगनबाड़ी पदों पर होने वाली आगामी भर्तियों में अधिक संख्या में महिलाएं अपनी उम्मीदवारी पेश कर सकेंगी।
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