Edited By Swati Sharma, Updated: 04 Sep, 2026 04:33 PM

हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने राज्य में कैल्शियम अमोनियम नाइट्रेट (सीएएन) उर्वरक की किल्लत और सेब उत्पादकों पर इसके प्रतिकूल प्रभाव का मुद्दा केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के समक्ष उठाया है।
Shimla News : हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने राज्य में कैल्शियम अमोनियम नाइट्रेट (सीएएन) उर्वरक की किल्लत और सेब उत्पादकों पर इसके प्रतिकूल प्रभाव का मुद्दा केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के समक्ष उठाया है।
यहां जारी एक बयान के अनुसार, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं रसायन तथा उर्वरक मंत्री को लिखे एक पत्र में ठाकुर ने बताया कि सेब उद्योग हिमाचल प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है, जो सालाना लगभग 6,000 करोड़ रुपये का योगदान देता है और हजारों किसान परिवारों की आजीविका का साधन है। उन्होंने बताया कि सीएएन (25 प्रतिशत) सेब के बगीचों के लिए नाइट्रोजन का एक विश्वसनीय और किफायती स्रोत रहा है। सीएएन का विनिर्माण बंद होने के बाद, उत्पादकों को यूरिया, कैल्शियम नाइट्रेट और मिश्रित एनपीके उर्वरकों जैसे विकल्पों पर निर्भर होना पड़ा है। ठाकुर ने कहा कि ये विकल्प सेब के बगीचों की विशिष्ट पोषक तत्वों की आवश्यकताओं के अनुकूल नहीं हैं और काफी अधिक महंगे हैं।
ठाकुर ने केंद्र सरकार से संबंधित अधिकारियों और उर्वरक विनिर्माताओं के साथ इस मामले को उठाने तथा जल्द से जल्द सीएएन के विनिर्माण और उपलब्धता को सुगम बनाने का अनुरोध किया। बयान में कहा गया कि पत्र का जवाब देते हुए नड्डा ने भरोसा दिया कि यह मामला संबंधित प्रभाग द्वारा विचाराधीन है और सेब उत्पादकों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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