Edited By Swati Sharma, Updated: 29 Oct, 2026 09:45 AM

हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष पद के लिए चयन समिति की सिफारिशों को खारिज करने के राज्य सरकार के फैसले को रद्द कर दिया है। अदालत ने माना कि सरकार का निर्णय मनमाना था और विद्युत अधिनियम, 2003 के तहत...
Shimla News : हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष पद के लिए चयन समिति की सिफारिशों को खारिज करने के राज्य सरकार के फैसले को रद्द कर दिया है। अदालत ने माना कि सरकार का निर्णय मनमाना था और विद्युत अधिनियम, 2003 के तहत मिले अधिकारों से परे था।
न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति भूपेश शर्मा की पीठ ने पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ में उप निदेशक (प्रशासन) के पद पर तैनात सेवारत आईएएस अधिकारी पंकज राय की याचिका को स्वीकार करते हुए यह फैसला सुनाया। उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को 14 सितंबर 2025 को अनुशंसित किए गए पैनल में से 10 नवंबर 2026 तक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है। अदालत ने पैनल को खारिज करने से संबंधित राज्य सरकार के 16 सितंबर 2025 के निर्णय और उसके बाद जारी अधिसूचना को निरस्त कर दिया। यह विवाद तब शुरू हुआ था जब राज्य सरकार ने 14 अगस्त 2025 को इस पद के लिए विज्ञापन निकाला था, जिसके जवाब में 16 आवेदन प्राप्त हुए थे।
सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति वी. के. शर्मा की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने 14 सितंबर को 12 उम्मीदवारों का साक्षात्कार लिया। मुख्य सचिव के स्वयं इस पद के लिए आवेदन करने के कारण उन्होंने समिति से अपना नाम वापस ले लिया था। दो सदस्यीय समिति ने बिना किसी वरीयता क्रम के पंकज राय और राजीव सूद के नामों की सर्वसम्मति से सिफारिश की थी, हालांकि बाद में मुख्यमंत्री ने इस सिफारिशी पैनल को खारिज कर दिया था, जिसे अब उच्च न्यायालय ने असंवैधानिक और अवैध ठहराया है।
प्रदेश से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp group को Join करें