Kangra: गग्गल सड़क हादसे में मृत युवक के माता-पिता को मिला 36.20 लाख मुआवजा

Edited By Kuldeep, Updated: 11 Aug, 2026 07:26 PM

gaggal accident compensation

मोटर वाहन दुर्घटना दावा अधिकरण-1, कांगड़ा स्थित धर्मशाला के विशेष न्यायाधीश चिराग भानु सिंह ने गग्गल के पास हुए सड़क हादसे में मृत 29 वर्षीय युवक के माता-पिता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए 36.20 लाख रुपए मुआवजा देने के आदेश दिए हैं।

धर्मशाला (ब्यूरो): मोटर वाहन दुर्घटना दावा अधिकरण-1, कांगड़ा स्थित धर्मशाला के विशेष न्यायाधीश चिराग भानु सिंह ने गग्गल के पास हुए सड़क हादसे में मृत 29 वर्षीय युवक के माता-पिता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए 36.20 लाख रुपए मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। मुआवजा राशि पर याचिका दायर करने की तारीख से 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देय होगा। मामला मंगो राम एवं अन्य बनाम शेर सिंह एवं अन्य से संबंधित है। 30 अप्रैल 2024 की रात करीब 11 बजे गग्गल एयरपोर्ट के समीप हिमाचल टिंबर, सनौरा चौक के पास हादसा हुआ था। याचिका के अनुसार 29 वर्षीय सौरभ कुमार, जो मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करने के बाद गग्गल स्थित शिवा इंजीनियरिंग वर्कशॉप में मैकेनिक के रूप में काम करता था, अपने सहकर्मी के साथ स्कूटी पर लौट रहा था। इसी दौरान सामने से आए पंजाब नम्बर के विंगर वाहन ने स्कूटी को टक्कर मार दी। हादसे में सौरभ कुमार और उसके साथ सवार व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुए और दोनों को टांडा मैडीकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

मामले में पुलिस ने गग्गल थाने में एफआईआर दर्ज की थी। वाहन चालक शेर सिंह पर तेज और लापरवाही से वाहन चलाने का आरोप था। सुनवाई के दौरान चालक और वाहन मालिक की ओर से हादसे से इंकार करते हुए इसे झूठा मामला बताया गया, जबकि बीमा कंपनी ने भी चालक के लाइसैंस, परमिट और अन्य शर्तों को लेकर आपत्तियां उठाईं। अधिकरण ने पुलिस रिकॉर्ड, एफआईआर, जीडी एंट्री, वाहन को मंडी में पकड़े जाने संबंधी रपट और जांच अधिकारियों की गवाही समेत उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए माना कि हादसा वाहन चालक शेर सिंह की लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाने के कारण हुआ था। अधिकरण को मृतक की ओर से किसी प्रकार की लापरवाही या कंट्रीब्यूटरी नेग्लिजेंस का प्रमाण नहीं मिला।

ऐसे हुआ मुआवजा निर्धारित
फैसले में मृतक की उम्र करीब 29 वर्ष और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा को देखते हुए उसकी मासिक आय 25 हजार रुपए मानी गई। मृतक अविवाहित था, इसलिए आय का आधा हिस्सा व्यक्तिगत खर्च के लिए घटाने के बाद भविष्य की संभावनाओं के लिए 40 प्रतिशत वृद्धि जोड़कर 17 का गुणक लगाया गया। इससे निर्भरता की क्षति 35.70 लाख रुपए बनी। इसके अलावा अंतिम संस्कार और संपत्ति के नुक्सान के लिए 25-25 हजार रुपए जोड़कर कुल मुआवजा 36.20 लाख रुपए निर्धारित किया गया। अधिकरण ने आदेश दिया कि यह राशि न्यू इंडिया इंश्योरैंस कंपनी लिमिटेड द्वारा जमा करवाई जाएगी, क्योंकि दुर्घटना में शामिल वाहन बीमित था। बीमा कंपनी को आदेश की तारीख से एक माह के भीतर राशि जमा करनी होगी। मुआवजा मृतक के माता-पिता मंगो राम और विजय शक्ति में बराबर बांटा जाएगा।

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