Himachal: पहले दिया दोगुने मुनाफे का झांसा...फिर लगा दी 23 लाख की चपत, चम्बा का युवक ठगी का शिकार

Edited By Vijay, Updated: 22 Oct, 2026 12:25 PM

fraud with youth

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला और आसपास के क्षेत्रों में साइबर ठगी का ग्राफ चिंताजनक रूप से बढ़ रहा है। शातिर अपराधी अब केवल सामान्य तरीकों से नहीं, बल्कि ऑनलाइन निवेश, हनी ट्रैप, फर्जी दानदाता और जांच एजैंसियों का खौफ दिखाकर लोगों की जीवन भर की...

धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला और आसपास के क्षेत्रों में साइबर ठगी का ग्राफ चिंताजनक रूप से बढ़ रहा है। शातिर अपराधी अब केवल सामान्य तरीकों से नहीं, बल्कि ऑनलाइन निवेश, हनी ट्रैप, फर्जी दानदाता और जांच एजैंसियों का खौफ दिखाकर लोगों की जीवन भर की गाढ़ी कमाई लूट रहे हैं। इसी कड़ी में ठगी का एक नया मामला सामने आया है, जहां चम्बा के एक युवक को निवेश के जाल में फंसाकर 23 लाख रुपए से अधिक का चूना लगाया गया है।

सोशल मीडिया के माध्यम से युवती के संपर्क में आया था युवक
जानकारी के अनुसार एक निजी कंपनी में कार्यरत चम्बा का युवक सोशल मीडिया के माध्यम से एक युवती के संपर्क में आया था। ठगों ने मनोवैज्ञानिक तरीके से काम करते हुए पहले युवक को ऑनलाइन निवेश से मोटे मुनाफे का लालच दिया। शुरूआत में उसका विश्वास जीतने के लिए निवेश की गई छोटी रकम को दोगुना करके वापस भी किया गया। जब युवक को इस फर्जी निवेश योजना पर पूरी तरह भरोसा हो गया, तो उसने बड़ी रकम लगानी शुरू कर दी। इसके बाद अलग-अलग लेनदेन के जरिए उससे 23 लाख रुपए से अधिक ऐंठ लिए गए। नॉर्थ जोन साइबर क्राइम थाना धर्मशाला के एएसपी कुलदीप कुमार ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद साइबर टीम ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और ठगी गई राशि को संबंधित बैंक खातों में फ्रीज करवाने की प्रक्रिया जारी है।

हालिया मामलों ने बढ़ाई पुलिस की चिंता
यह कोई इकलौती घटना नहीं है, बल्कि बीते कुछ समय में धर्मशाला साइबर थाना क्षेत्र में करोड़ों रुपए की ठगी के कई हाई-प्रोफाइल मामले दर्ज किए गए हैं, जो अपराधियों के विविध तरीकों को उजागर करते हैं। हाल ही में कांगड़ा जिले के एक सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी को इसी तरह ऑनलाइन निवेश का झांसा देकर 1.93 करोड़ रुपए की ठगी का शिकार बनाया गया। वहीं मैक्लोडगंज स्थित एक तिब्बती मठ के पदाधिकारियों को ई-मेल के जरिए फर्जी दानदाता बनकर 6.58 लाख रुपए का चूना लगाया गया। इस मामले में जीरो एफआईआर दर्ज कर जांच की जा रही है। उधर, कांगड़ा के ही फतेहपुर में एक बुजुर्ग को सुप्रीम कोर्ट और प्रवर्तन निदेशालय  का फर्जी अधिकारी बनकर डराया गया। जांच और संपत्ति जब्त करने का डर दिखाकर उनसे 23.46 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए गए।

सतर्कता ही है बचाव
लगातार सामने आ रहे इन आंकड़ों और घटनाओं से यह पूरी तरह स्पष्ट है कि साइबर ठग अत्यधिक संगठित तरीके से काम कर रहे हैं। वे आम जनता को निशाना बनाने के लिए कभी आकर्षक मुनाफे का लालच, कभी फर्जी विदेशी दान, तो कभी कानूनी कार्रवाई का खौफ पैदा कर रहे हैं। इन बढ़ते मामलों को देखते हुए यह अत्यंत आवश्यक हो गया है कि लोग अनजान लोगों के निवेश प्रस्तावों, संदिग्ध ई-मेल या खुद को अधिकारी बताने वाले फोन कॉल्स पर बिना पूरी पड़ताल किए कोई भी आर्थिक लेनदेन न करें।

हिमाचल प्रदेश से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp group को Join करें

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!