Edited By Vijay, Updated: 17 Oct, 2026 07:47 PM

हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में 14,500 फुट की ऊंचाई पर स्थित साच पास (सचे जोत) पर कुदरत की आंख-मिचौली लगातार जारी है। ऊंचाई वाले इस क्षेत्र में बार-बार हो रही बर्फबारी के कारण चम्बा-किलाड़ (पांगी) मार्ग पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है।
तीसा/चम्बा (सुभानदीन): हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में 14,500 फुट की ऊंचाई पर स्थित साच पास (सचे जोत) पर कुदरत की आंख-मिचौली लगातार जारी है। ऊंचाई वाले इस क्षेत्र में बार-बार हो रही बर्फबारी के कारण चम्बा-किलाड़ (पांगी) मार्ग पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। आलम यह है कि लोक निर्माण विभाग कड़ी मशक्कत के बाद जैसे ही मार्ग को बहाल करता है, मौसम बिगड़ते ही यह फिर से बर्फ की आगोश में समा जाता है।
लोक निर्माण विभाग की मेहनत पर फिर फिरा पानी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लोक निर्माण विभाग ने शून्य से नीचे के तापमान में युद्धस्तर पर कार्य करते हुए बीते शुक्रवार को ही साच पास से बर्फ हटाकर मार्ग को यातायात के लिए सुचारू किया था। सड़क खुलने से मार्ग के दोनों ओर फंसे वाहन चालकों और पांगी घाटी के निवासियों ने बड़ी राहत की सांस ली थी। लेकिन, यह राहत महज 24 घंटे ही टिक सकी और कुदरत ने एक बार फिर अपने कड़े तेवर दिखा दिए।
शनिवार को अचानक बदला मौसम, फिर बिछी सफेद चादर
शनिवार को क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ली। आसमान में घने बादल छा गए और देखते ही देखते 14,500 फुट ऊंचे सचे जोत पर ताजा बर्फबारी का दौर फिर से शुरू हो गया। इस ताजा हिमपात के कारण सड़क पर एक बार फिर से बर्फ की मोटी परत जम गई, जिससे चम्बा-किलाड़ मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया है।
बीच रास्ते थमे वाहनों के पहिए, प्रशासन की बढ़ी चुनौती
मौसम के इस पल-पल बदलते मिजाज और बार-बार हो रही बर्फबारी ने लोक निर्माण विभाग और स्थानीय प्रशासन की चुनौतियों को दोगुना कर दिया है। मार्ग बंद होने के कारण चम्बा से पांगी और पांगी से चम्बा की ओर सफर कर रहे वाहनों के पहिए एक बार फिर बीच रास्ते में ही थम गए हैं। जब तक मौसम पूरी तरह से साफ नहीं हो जाता, तब तक इस खतरनाक मार्ग पर यातायात बहाल करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
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