Edited By Kuldeep, Updated: 08 Aug, 2026 12:27 PM

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में छात्रों के मूल्यांकन का तरीका बदलने जा रहा है, जहां केवल परीक्षा के अंकों की बजाय अब उनकी रचनात्मकता, जीवन कौशल और नैतिक मूल्यों के आधार पर 360 डिग्री समग्र आकलन किया जाएगा।
धर्मशाला (ब्यूरो): राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में छात्रों के मूल्यांकन का तरीका बदलने जा रहा है, जहां केवल परीक्षा के अंकों की बजाय अब उनकी रचनात्मकता, जीवन कौशल और नैतिक मूल्यों के आधार पर 360 डिग्री समग्र आकलन किया जाएगा। इसके लिए हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड जल्द ही डिजिटल होलिस्टिक प्रोग्रैस कार्ड लागू करने जा रहा है।
बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि देशभर के अन्य बोर्ड्स की सर्वश्रेष्ठ कार्यप्रणालियां और डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को सीखने के लिए अतिरिक्त सचिव डॉ. अंबिका जोशी, सहायक सचिव विपन कुमार और शैक्षणिक अधिकारी डिम्पल कंवर का एक प्रतिनिधिमंडल गुजरात के गांधीनगर में आयोजित 2 दिवसीय राष्ट्रीय कार्यक्रम में भाग लेकर लौटा है। इस नई व्यवस्था से प्रदेश के विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को एक पारदर्शी, व्यापक और प्रौद्योगिकी-सक्षम छात्र-केंद्रित मूल्यांकन प्रणाली मिलेगी।