Edited By Kuldeep, Updated: 28 Jul, 2026 10:23 PM

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने आगामी मार्च-2027 में आयोजित होने वाली 10वीं और 12वीं की वार्षिक बोर्ड परीक्षाओं के प्रश्न-पत्रों के स्वरूप में एक ऐतिहासिक और बड़ा बदलाव किया है।
धर्मशाला (सुनील): हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने आगामी मार्च-2027 में आयोजित होने वाली 10वीं और 12वीं की वार्षिक बोर्ड परीक्षाओं के प्रश्न-पत्रों के स्वरूप में एक ऐतिहासिक और बड़ा बदलाव किया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति और परख के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार किए गए इस नए पैटर्न का मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और छात्र-केंद्रित बनाना है। नए पैटर्न के अनुसार प्रश्न-पत्रों में 50 प्रतिशत प्रश्न औसत स्तर के, 30 प्रतिशत आसान स्तर के और 20 प्रतिशत कठिन स्तर के होंगे। यह संतुलित बदलाव इसलिए किया गया है, ताकि हर छात्र अपनी क्षमता के अनुसार बेहतर अंक हासिल कर सके।
इसके अलावा, केवल उत्तर रटने की आदत को खत्म करने के लिए प्रश्न-पत्रों में लगभग 20 प्रतिशत बहुविकल्पीय प्रश्न जोड़े गए हैं। साथ ही केस स्टडी और समझ पर आधारित प्रश्नों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि छात्रों की सोचने-समझने और सवाल हल करने की क्षमता को सही से परखा जा सके। विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुविधा के लिए नए पैटर्न के मॉडल प्रश्न-पत्र बोर्ड की आधिकारिक वैबसाइट पर डाऊनलोड के लिए उपलब्ध करवा दिए गए हैं।
मॉडल प्रश्न-पत्र वैबसाइट पर अपलोड
नए परीक्षा पैटर्न के अनुसार तैयार किए गए विषयवार मॉडल प्रश्न-पत्र और अंक विभाजन बोर्ड की आधिकारिक वैबसाइट में अपलोड कर दिए गए हैं। इनसे छात्र परीक्षा से पहले ही प्रश्नों के तरीके, कठिनाई के स्तर और उत्तर लिखने की शैली को आसानी से समझ सकेंगे। बोर्ड प्रशासन ने शिक्षकों और विद्यार्थियों से अपील की है कि वे इन मॉडल प्रश्न-पत्रों को देखकर अपनी पढ़ाई की तैयारी शुरू करें।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डा. राजेश शर्मा का कहना है कि इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को अधिक आसान, गुणवत्तापूर्ण और छात्र-केंद्रित बनाना है। नए पैटर्न से छात्र केवल रटने की जगह विषय को गहराई से समझ सकेंगे, जिससे आगामी बोर्ड परीक्षाओं में वे बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे।