Kangra: आने वाले समय में कर्मचारियों को मिलेगा महंगाई भत्ता : मुख्यमंत्री

Edited By Kuldeep, Updated: 30 Aug, 2026 07:14 PM

dehra employees dearness allowance

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों और पैंशनर्ज के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कर्मचारियों को महंगाई भत्ता प्रदान किया जाएगा।

देहरा (राजीव): मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों और पैंशनर्ज के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कर्मचारियों को महंगाई भत्ता प्रदान किया जाएगा। सरकार के वित्तीय अनुशासन और जिम्मेदार प्रबंधन के कारण कर्मचारियों और पैंशनर्ज को वित्तीय लाभ दिए जा रहे हैं। देहरा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 67 वर्ष से अधिक आयु के पैंशनर्ज को पूरा बकाया, लीव एनकैशमैंट और ग्रैच्युटी का भुगतान कर दिया गया है। उन्होंने घोषणा की कि 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को वेतन बकाया के अतिरिक्त 20 हजार रुपए दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि श्रेणी-1, श्रेणी-2 और श्रेणी-3 के पैंशनर्ज के लिए बेसिक पे से संबंधित शर्त को हटाने के निर्देश जारी किए जाएंगे।

इसके बाद पात्र पैंशनर्ज को लंबित बकाया का 35 प्रतिशत भुगतान किया जाएगा। इससे कर्मचारियों के कुल बकाया का 57 प्रतिशत हिस्सा चुकता हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि’ के तहत 800 मछुआरों को 3,500-3,500 रुपए की वित्तीय सहायता के चैक वितरित किए। उन्होंने कहा कि यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल के अधिकारों के लिए लगातार लड़ रही है। उन्होंने बताया कि शिमला में भूमिगत यूटिलिटी डक्ट के निर्माण का कार्य शुरू किया गया है और इसी तर्ज पर देहरा में भी भूमिगत यूटिलिटी डक्ट बनाया जाएगा। उन्होंने बनखंडी जूलॉजिकल पार्क के लिए 100 करोड़ रुपए उपलब्ध करवाने की बात भी कही।

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दावा
सुक्खू ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के रास्ते बंद करने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है। भ्रष्टाचार में शामिल लोगों से अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों का ब्यौरा मांगा जाएगा और ऐसी संपत्तियों को जब्त कर गरीबों में वितरित किया जाएगा। उन्होंने लोगों से भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की लड़ाई में सहयोग देने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किशाऊ बांध परियोजना में हिमाचल के अधिकारों के लिए सरकार ने लड़ाई लड़ी है, जिससे प्रदेश को हर वर्ष करीब 600 करोड़ रुपए का राजस्व मिलेगा। जे.एस.डब्ल्यू. मामले में सर्वोच्च न्यायालय में जीत के बाद प्रदेश को सालाना करीब 150 करोड़ रुपए की आय हो रही है।

उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार की शराब ठेकों के नवीनीकरण की व्यवस्था को बंद कर ठेकों की नीलामी का निर्णय लिया गया, जिससे प्रदेश को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ। सुक्खू ने कहा कि जब कांग्रेस सरकार ने सत्ता संभाली थी, तब प्रदेश पर 76,707 करोड़ रुपए का कर्ज और करीब 10,000 करोड़ रुपए की कर्मचारी देनदारियां थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्व घाटा अनुदान बंद किए जाने के बावजूद भाजपा के सांसद और विधायक केंद्र के समक्ष इसे बहाल करवाने का मुद्दा प्रभावी ढंग से नहीं उठा सके।

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