Edited By Swati Sharma, Updated: 29 Jun, 2026 10:42 AM

Shimla News : हिमाचल प्रदेश के मंत्रियों अनिरुद्ध सिंह और राजेश धरमानी ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर कर्मचारी और अधिकारी-विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष राजनीतिक दबाव के जरिए सरकारी अधिकारियों को डराने तथा प्रशासनिक...
Shimla News : हिमाचल प्रदेश के मंत्रियों अनिरुद्ध सिंह और राजेश धरमानी ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर कर्मचारी और अधिकारी-विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष राजनीतिक दबाव के जरिए सरकारी अधिकारियों को डराने तथा प्रशासनिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है।
'BJP का ‘कर्मचारी-विरोधी चेहरा' एक बार फिर सामने आ गया'
विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर और भाजपा के अन्य नेताओं के हालिया बयानों पर टिप्पणी करते हुए ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि भाजपा का ‘कर्मचारी-विरोधी चेहरा' एक बार फिर जनता के सामने आ गया है। मंत्रियों ने कहा कि भाजपा सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के हितों की रक्षा करने में लगातार विफल रही है, चाहे वह पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का मुद्दा हो या सेवा से जुड़े अन्य मामले। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता अब सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को भविष्य में नतीजों की सार्वजनिक रूप से धमकी देकर उन्हें अपनी कानूनी प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इस व्यवहार को दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतांत्रिक मूल्यों तथा प्रशासनिक व्यवस्था के लिए हानिकारक बताया।
'न्यायिक कार्यवाही पूरी तरह से कानून के अनुसार की जा रही'
मंत्रियों ने जोर देकर कहा कि आपराधिक मामलों की वैधता का फैसला केवल अदालतें ही कर सकती हैं, न कि राजनीतिक नेता। उन्होंने कहा कि जांच और न्यायिक कार्यवाही पूरी तरह से कानून के अनुसार की जा रही है और तथ्यों और सबूतों के आधार पर किसी मामले की वैधता तय करने का अधिकार केवल न्यायपालिका के पास है। उन्होंने जय राम ठाकुर की टिप्पणियों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या भाजपा शासन के दौरान मामले दर्ज नहीं किए गए थे और क्या उस समय कानून का शासन अलग तरह से लागू होता था।
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