Edited By Vijay, Updated: 09 Jul, 2026 05:17 PM

हिमाचल प्रदेश में निवेश को पंख लगाने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए राज्य सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रदेश में जल्द ही एक नई और व्यापक औद्योगिक नीति लागू की जाएगी।
शिमला (संतोष): हिमाचल प्रदेश में निवेश को पंख लगाने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए राज्य सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रदेश में जल्द ही एक नई और व्यापक औद्योगिक नीति लागू की जाएगी। इसका मुख्य फोकस व्यापार में सुगमता को बेहतर बनाना और बाहरी निवेशकों को हिमाचल की ओर आकर्षित करना है। यह बात मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उद्योग विभाग की एक अहम समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।
सिंगल विंडो सिस्टम होगा और मजबूत, निवेशकों को नहीं होगी परेशानी
मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्पष्ट किया कि नई नीति को पूरी तरह से उद्योग अनुकूल बनाने के लिए सरकार सभी संबंधित पक्षों (स्टेक होल्डर्स) से लगातार विचार-विमर्श कर रही है। ईज ऑफ डूइंग बिजनैस के तहत कागजी प्रक्रियाओं को बेहद आसान बनाया जा रहा है, ताकि उद्योगपतियों को हिमाचल में अपने उद्योग स्थापित करने और चलाने में कोई परेशानी न हो। इसके लिए प्रदेश की एकल खिड़की स्वीकृति प्रणाली को और अधिक मजबूत व पारदर्शी बनाया जा रहा है।
ऊना बल्क ड्रग पार्क पर विशेष फोकस, युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर
बैठक में मुख्यमंत्री ने 2071 करोड़ रुपए की लागत से ऊना में बन रहे बल्क ड्रग पार्क की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से राज्य के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होंगे। काम की रफ्तार बताते हुए सीएम ने कहा कि अब तक करीब 800 बीघा जमीन को समतल किया जा चुका है और निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि आगामी 15 जुलाई तक कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमैंट प्लांट और स्टीम जनरेशन सुविधा का काम हर हाल में पूरा कर लिया जाए। साथ ही, देश की नामी कंपनियों को यहां निवेश के लिए आमंत्रित करने के निर्देश भी दिए।
धर्मशाला के यूनिटी मॉल और वन डिस्ट्रिक्ट-थ्री प्रोडक्ट्स पर जोर
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए भी अहम फैसले लिए। उन्होंने बताया कि धर्मशाला में बन रहे यूनिटी मॉल के लिए 66 करोड़ रुपए की पहली किस्त जारी कर दी गई है और इसका निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को वन डिस्ट्रिक्ट-थ्री प्रोडक्ट्स कार्यक्रम के तहत जल्द से जल्द बेहतरीन स्थानीय उत्पादों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं, ताकि ग्रामीण स्तर पर लोगों के लिए आजीविका के नए साधन पैदा हो सकें।
समीक्षा बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के साथ उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी नजीम, सचिव आशीष सिंहमार, सचिव अमरजीत सिंह, उद्योग निदेशक यूनुस और अतिरिक्त निदेशक तिलक राज शर्मा सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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