Edited By Vijay, Updated: 24 Jun, 2026 01:29 PM

हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग द्वारा राजकीय महाविद्यालय जुखाला में विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय की कक्षाएं बंद करने के फैसले के खिलाफ क्षेत्र के लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।
बिलासपुर (बंशीधर): हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग द्वारा राजकीय महाविद्यालय जुखाला में विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय की कक्षाएं बंद करने के फैसले के खिलाफ क्षेत्र के लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। स्थानीय जनता ने अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत शिमला-हमीरपुर राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर स्थित डाईट चौक जुखाला में सुबह 9 बजे से 11 बजे तक चक्का जाम किया। इस दो घंटे के चक्का जाम के कारण हाईवे पर वाहनों के पहिए पूरी तरह थम गए, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
आर-पार की लड़ाई लड़ने से भी पीछे नहीं हटेंगे ग्रामीण
सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि आज का प्रदर्शन तो महज एक ट्रेलर था। यदि सरकार ने छात्र विरोधी इस निर्णय को तुरंत वापस नहीं लिया, तो क्षेत्र के लोग अपने बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए आर-पार की लड़ाई लड़ने से भी पीछे नहीं हटेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार का यह फैसला ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को उच्च शिक्षा से वंचित करने जैसा है, जिसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।
20 पंचायतों के हजारों छात्रों के भविष्य पर संकट
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जिला परिषद अध्यक्ष लेखराम ठाकुर, जुखाला पंचायत के प्रधान हरी राम धीमान और उपप्रधान रूपा शर्मा ने कहा कि पिछले 15 वर्षों से करीब 20 पंचायतों के हजारों विद्यार्थी इस कॉलेज में विज्ञान और वाणिज्य विषयों की पढ़ाई कर रहे हैं। इन कक्षाओं के बंद होने से सबसे बड़ा झटका गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की छात्राओं को लगेगा। उन्हें अब उच्च शिक्षा के लिए मजबूरन दूरदराज के क्षेत्रों का रुख करना पड़ेगा, जिससे इन परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ भी पड़ेगा। प्रदर्शन में शामिल स्योहला की प्रधान आरती, उपप्रधान परमदेव, पूर्व बीडीसी चेयरमैन अमर सिंह ठाकुर, पूर्व बीडीसी रूपलाल भट्टी, कुलबीर और बृजलाल ठाकुर ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि इस गंभीर समस्या को पहले भी कई बार सरकार और संबंधित उच्चाधिकारियों के समक्ष प्रमुखता से उठाया गया था। इसके बावजूद विभाग ने जनता की मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण मजबूर होकर आज उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा है।
नींद से नहीं जागी सरकार तो और उग्र होगा आंदोलन
क्षेत्रवासियों ने अब सरकार के खिलाफ अपने आंदोलन को और उग्र करने का मन बना लिया है। आंदोलनकारियों ने ऐलान किया है कि वीरवार को भी सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक जुखाला में चक्का जाम किया जाएगा। यदि इसके बाद भी सरकार की नींद नहीं टूटी, तो शुक्रवार से क्षेत्र के लोग ब्रह्मपुखर चौक पर अनिश्चितकालीन चक्का जाम करने पर मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
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