Edited By Kuldeep, Updated: 18 Jun, 2026 07:16 PM

बिलासपुर ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है।
बिलासपुर (बंशीधर): बिलासपुर ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। ऑल इंडिया फैडरेशन ऑफ इंजीनियर्स के कार्यकारिणी सदस्य एवं डियारा सैक्टर निवासी राजीव शर्मा ने आरोप लगाया कि उनके नाम पर बिना किसी आधार के गलत ई-चालान जारी कर दिया गया, जिससे आम वाहन चालकों में भ्रम और चिंता का माहौल बन रहा है। राजीव शर्मा ने बताया कि गत 16 जून को सुबह उनके मोबाइल पर एक संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें बिना हैल्मेट वाहन चलाने के आरोप में 1000 रुपए का चालान दर्शाया गया था। हैरानी की बात यह रही कि चालान मोटरसाइकिल का दिखाया गया, जबकि उसमें अंकित वाहन नंबर उनकी कार (एच.पी. 24 ई 2223) का था।
उन्होंने कहा कि नियमानुसार किसी भी ई-चालान के साथ फोटो अथवा अन्य साक्ष्य उपलब्ध होना चाहिए लेकिन इस मामले में ऐसा कोई प्रमाण नहीं दिया गया। इतना ही नहीं, जिस समय चालान किए जाने का उल्लेख किया गया है, उस समय उनकी कार घर पर खड़ी थी।
राजीव शर्मा के अनुसार जब उन्होंने शहर पुलिस चौकी पहुंचकर मामले की जानकारी ली तो उन्हें बताया गया कि चालान गलती से जारी हुआ है और इसे निरस्त कर दिया जाएगा। हालांकि, चालान से संबंधित फोटो या अन्य रिकॉर्ड भी पुलिस उपलब्ध नहीं करवा सकी।
उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति इस तरह की त्रुटियों की जांच नहीं कर पाता और कई वाहन चालक समय के अभाव में बिना सत्यापन के ही जुर्माना भर देते हैं। ऐसे मामलों से न केवल लोगों को आर्थिक नुक्सान उठाना पड़ सकता है, बल्कि ई-चालान प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिन्ह लगते हैं। जिला यातायात प्रभारी ए.एस.पी. बिलासपुर शिव चौधरी ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। संबंधित चालान को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।