Chamba: दिल्ली की दौड़ लगाने में व्यस्त हैं मुख्यमंत्री, प्रदेश में अराजकता चरम पर : जयराम

Edited By Kuldeep, Updated: 18 Oct, 2026 08:40 PM

bharmour jai ram thakur chief minister comment

भरमौर विधानसभा क्षेत्र के लिल्ह में आयोजित नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधि सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

भरमौर (उत्तम ठाकुर): भरमौर विधानसभा क्षेत्र के लिल्ह में आयोजित नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधि सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सम्मेलन में शामिल होकर सभी नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार पंचायत चुनाव करवाने से बचने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही थी, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने सर्वोच्च न्यायालय तक लड़ाई लड़कर सरकार को चुनाव करवाने के लिए विवश किया। लोकतंत्र और जनता की ताकत के सामने सरकार की एक नहीं चली। पंचायत चुनावों के परिणामों ने कांग्रेस सरकार के प्रति जनता की नाराजगी साफ कर दी है।

उन्होंने कहा कि पूरे हिमाचल में विकास कार्य ठप्प पड़े हैं। मुख्यमंत्री प्रदेश की चिंता करने की बजाय दिल्ली की दौड़ लगाने में व्यस्त हैं। प्रदेश में कहीं भी जाकर देख लीजिए, पूर्व भाजपा सरकार के समय जहां विकास कार्य रुके थे, आज भी लगभग वहीं खड़े हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपनी कुर्सी बचाने के लिए लगातार दिल्ली की दौड़ लगाने में ही व्यस्त हैं, जबकि प्रदेश में चारों तरफ अराजकता का माहौल है। कानून-व्यवस्था से लेकर स्वास्थ्य व्यवस्था तक ध्वस्त है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार के पास बताने के लिए अपनी एक योजना नहीं और दिखाने के लिए अपना एक काम नहीं है। इनका पूरा समय पूर्व भाजपा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को बदनाम करने और उस समय खोले गए स्कूलों, अस्पतालों तथा जनहित के संस्थानों को बंद करने में निकल रहा है। जनता को झूठी गारंटियों के नाम पर ठगने वाली इस सरकार को पंचायत चुनावों में जवाब मिल चुका है और आने वाले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की विदाई तय है।

उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री आजकल अपनी सरकार के एक-एक दिन गिन रहे हैं। जिस तरीके से उनकी लगातार दिल्ली दौड़ लग रही है, उससे यह साफ है कि उनके लिए एक-एक दिन बहुत भारी है। कैबिनेट विस्तार पर मुख्यमंत्री द्वारा आलाकमान से चर्चा करने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि अगर आलाकमान से चर्चा करके ही सब कुछ करना था तो सदन के अंदर ही मंत्री बनाने की घोषणा क्यों की थी? उनकी प्रभारी ने भी पहले स्पष्ट कर दिया है कि कैबिनेट विस्तार से संबंधित कोई भी बात आलाकमान के संज्ञान में नहीं है।

मुख्यमंत्री भी अपनी सरकार के दिन गिनते हुए यह बता रहे हैं कि आलाकमान से चर्चा के बाद ही कैबिनेट का विस्तार होगा। दूसरी तरफ, जिन नेताओं को उन्होंने मंत्री बनाने का लालच दिया है, वे मुख्यमंत्री का पीछा छोड़ने को तैयार नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने सिर्फ प्रदेश की मातृशक्ति, युवाओं और व्यापारियों को ही नहीं, अपने विधायकों और नेताओं को भी ठगा है। प्रदेश के लोगों को सरकार से कोई उम्मीद नहीं है। भाजपा सरकार आने पर प्रदेश का विकास डबल इंजन की रफ्तार से होगा।

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