Edited By Swati Sharma, Updated: 02 Oct, 2026 02:24 PM

अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक स्पैशल कोर्ट, पोक्सो सोलन की अदालत ने नाबालिगा से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर विभिन्न धाराओं के तहत जुर्माना भी लगाया है।
Solan News : अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक स्पैशल कोर्ट, पोक्सो सोलन की अदालत ने नाबालिगा से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर विभिन्न धाराओं के तहत जुर्माना भी लगाया है।
19 गवाहों के बयान करवाए गए दर्ज
अदालत के समक्ष चले मामले के अनुसार, आरोपी रजत कुमार पुत्र बिशन दास निवासी गांव कसवाड़, डाकघर वाल्याह, तहसील बड्सर, जिला हमीरपुर के खिलाफ पुलिस थाना कंडाघाट में 9 मार्च 2024 को मामला दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार, पीड़िता की शिकायत पर दर्ज मामले में आरोप था कि आरोपी ने 13 अप्रैल 2021 को उसके कमरे में प्रवेश कर उसके साथ दुष्कर्म किया तथा उसे शादी के लिए मजबूर किया। शिकायत के अनुसार, आरोपी पीड़िता का पीछा भी करता था और उसके घर में उसके साथ बार-बार यौन संबंध बनाता था। मामले में पुलिस थाना कंडाघाट में एफ.आई.आर. नंबर 15/2024 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 354-डी, 504, 506, 376 तथा पोक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया। मुकद्दमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 19 गवाहों के बयान दर्ज करवाए गए। अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया।
आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा
अदालत ने पोक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास तथा 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा धारा 354-डी आई.पी.सी. के तहत एक वर्ष का साधारण कारावास और 3 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना न देने पर 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास होगा। वहीं धारा 504 आईपीसी के तहत 6 माह तथा धारा 506 आईपीसी के तहत 2 वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई गई है।अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को संबंधित अपराधों का दोषी माना। मामले की पैरवी लोक अभियोजक सीएस नेगी ने की।
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