Edited By Vijay, Updated: 31 Oct, 2026 06:32 PM

हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग में लंबे समय से अपनी पदोन्नति का इंतजार कर रहे शिक्षकों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री के कड़े हस्तक्षेप के बाद शनिवार को शिक्षा विभाग ने 633 टीजीटी और प्रमोटी लैक्चरार को पदोन्नत कर मुख्यध्यापक बनाने के आदेश...
शिमला (प्रीति): हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग में लंबे समय से अपनी पदोन्नति का इंतजार कर रहे शिक्षकों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री के कड़े हस्तक्षेप के बाद शनिवार को शिक्षा विभाग ने 633 टीजीटी और प्रमोटी लैक्चरार को पदोन्नत कर मुख्यध्यापक बनाने के आदेश जारी कर दिए हैं। इन सभी को फिक्स मानदेय या नियमित नियमों के आधार पर तैनाती दी गई है।
ओकओवर में सीएम से मिले थे शिक्षक, तुरंत हुए आदेश
जानकारी के अनुसार पदोन्नति में हो रही देरी से परेशान कई शिक्षक शुक्रवार को मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ओकओवर पहुंचे थे। शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि उनकी पदोन्नति की फाइलें लंबे समय से विभाग में धूल फांक रही हैं और कई शिक्षक बिना पदोन्नति पाए ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं। शिक्षकों की इस पीड़ा पर मुख्यमंत्री ने त्वरित संज्ञान लेते हुए शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को तलब किया और तत्काल प्रभाव से पदोन्नति आदेश जारी करने के सख्त निर्देश दिए, जिसके बाद शनिवार को यह बड़ी सूची जारी की गई।
रिटायरमैंट वाले दिन मिली पदोन्नति, मिलेगा वित्तीय लाभ
इस पदोन्नति सूची में एक विशेष और दिलचस्प मामला भी सामने आया है। सूची में कुछ ऐसे शिक्षक भी शामिल हैं, जिन्हें उनकी सेवानिवृत्ति वाले दिन ही हैडमास्टर बनाया गया है। शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार यदि ऐसे संबंधित शिक्षकों ने शनिवार को अपनी रिटायरमैंट से पहले (दोपहर 2 बजे तक) अपने नए स्टेशन पर हैडमास्टर के रूप में कार्यभार संभाल लिया है, तो उन्हें भविष्य में हैडमास्टर पद के सभी निर्धारित वित्तीय लाभ और पैंशनरी फायदे प्राप्त होंगे।
ज्वाइनिंग के लिए दूरी के हिसाब से तय की गई समय सीमा
पदोन्नत हुए सभी 633 शिक्षकों को नए स्टेशनों पर ज्वाइन करने के लिए सख्त समय सीमा दी गई है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि तैनाती का नया स्टेशन मौजूदा स्थान से 30 किलोमीटर या उससे कम दूरी पर है, तो शिक्षक को 1 दिन के भीतर कार्यभार संभालना होगा। वहीं, 30 किलोमीटर से अधिक दूरी होने पर ज्वाइनिंग के लिए अधिकतम 5 दिन का समय दिया गया है।
समय पर ज्वाइन न करने पर छिनेगी पदोन्नति
विभाग ने आदेशों में कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि कोई शिक्षक तय अवधि के भीतर अपने नए स्टेशन पर कार्यभार नहीं संभालता है, तो उसकी पदोन्नति स्वतः ही रद्द मानी जाएगी। ऐसे शिक्षकों को एक साल या विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की अगली बैठक तक (जो भी बाद में हो) पदोन्नति का कोई लाभ नहीं दिया जाएगा।
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