Edited By Ekta, Updated: 26 Mar, 2019 12:44 PM

पर्यटक स्थल मनाली के लिए शिमला आई.एस.बी.टी. से रात्रि बस सेवा में 32 सीटर छोटी बस भेजी रही है। ऐसे में मनाली के करीब 250 किलोमीटर के सफर व मनाली से पहले आने वाले मुख्य स्टेशन मंडी, कुल्लू व बिलासपुर आदि क्षेत्रों की ओर रात को सफर करने वाले सैंकड़ों...
शिमला (राजेश): पर्यटक स्थल मनाली के लिए शिमला आई.एस.बी.टी. से रात्रि बस सेवा में 32 सीटर छोटी बस भेजी रही है। ऐसे में मनाली के करीब 250 किलोमीटर के सफर व मनाली से पहले आने वाले मुख्य स्टेशन मंडी, कुल्लू व बिलासपुर आदि क्षेत्रों की ओर रात को सफर करने वाले सैंकड़ों यात्रियों को आरामदायक नहीं बल्कि कष्टदायक सफर करना पड़ रहा है। हालांकि यह परेशानी हर दिन नहीं उठानी पड़ रही लेकिन माह में 10 से 12 बार यह बस रात्रि में शिमला से मनाली को रवाना हो रही है। ऐसे में शिमला से मनाली जाने वाले यात्रियों को छोटी सीटों में तंगी में बैठना पड़ रहा है।
यात्रियों से मिली जानकारी के अनुसार आई.एस.बी.टी. शिमला से मनाली-कुल्लू व मंडी के लिए शाम होने के बाद अंतिम बस 7 बजे आई.एस.बी.टी. से रवाना होती है। इसके बाद मंडी व मनाली के लिए 8, 8:30 और 9 बजे बसें रवाना होती हैं और लांग रूट पर जाने वाले अधिकतर यात्री इसी बस में सफर करते हैं। जिस दिन केलांग डिपो की बस आती है, उस दिन यात्रियों को हमेशा परेशानी होती है। यदि 7 बजे से पहले बस की सभी सीटें बुक हो जाती हैं तो ऐसे में यात्रियों को खड़े होकर सफर करना पड़ता है या फिर एक या डेढ़ घंटे बाद जाने वाली बस का इंतजार करना पड़ता है। लांग रूट पर छोटी बस भेजने से जहां लोगों को सीटें नहीं मिल पाती हैं, वहीं सीटें छोटी होने के कारण भी यात्री आरामदायक सफर नहीं कर पाते है, साथ ही यात्रियों को बस में सामान रखने की उचित जगह भी नहीं मिल पाती।
क्या कहते हैं यात्री
बिलासपुर, दाड़लाघाट व भराड़ीघाट सहित मंडी व मनाली जाने वाले यात्रियों का कहना है कि निगम द्वारा शाम 7 बजे के बाद और 7 बजे जो भी बसें लांग रूट पर भेजी जाएं, वे बड़ी बसें होनी चाहिए क्योंकि अधिकतर लोग अपनी छुट्टी बचाने के लिए रात को सफर करना पसंद करते हैं लेकिन बस छोटी हो तो सफर कष्टदायक व थकावट भरा बन जाता है। ऐसे में निगम से मांग है कि शाम 7 बजे के बाद लांग रूट में जो भी बसें भेजी जाएं, वे बड़ी होनी चाहिए।