Edited By Vijay, Updated: 28 Jun, 2026 11:17 PM

हिमाचल प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी एंटी-चिट्टा जन आंदोलन के तहत पुलिस की स्पैशल टास्क फोर्स को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है।
नूरपुर/जसूर: हिमाचल प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी एंटी-चिट्टा जन आंदोलन के तहत पुलिस की स्पैशल टास्क फोर्स को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। एसटीएफ कांगड़ा की टीम ने पुलिस जिला नूरपुर के तहत आते जसूर क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 तस्करों को 223 ग्राम चिट्टे के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार एसटीएफ कांगड़ा की टीम जसूर क्षेत्र में नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान टीम को गुप्त सूचना मिली कि जसूर स्थित शास्त्री आईटीआई की ओर चिट्टे की खेप की तस्करी की जा रही है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एसटीएफ की टीम ने शास्त्री आईटीआई के समीप जाल बिछाया। कुछ देर बाद वहां से गुजर रहे तीन संदिग्ध व्यक्तियों को टीम ने रोककर जब उनकी तलाशी ली, तो उनके कब्जे से 223 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ।
इतनी भारी मात्रा में नशा मिलने के बाद एसटीएफ ने तीनों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। इस संबंध में पुलिस थाना नूरपुर में आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे किसे सप्लाई किया जाना था।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश में एंटी-चिट्टा जन आंदोलन का आगाज करने के बाद पुलिस नशे के खिलाफ जीरो टॉलरैंस की नीति से काम कर रही है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य न केवल नशा तस्करी के नैटवर्क को ध्वस्त करना है, बल्कि युवाओं को नशे के जाल से बचाना और समाज में जागरूकता फैलाना है। पुलिस अधिकारियों ने आम जनता और विशेषकर युवाओं से से आग्रह किया है कि यदि उनके आसपास चिट्टा या किसी भी प्रकार के नशे की तस्करी की सूचना हो, तो वे तुरंत टोल-फ्री नंबर 112 या अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन पर दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।
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