Edited By Vijay, Updated: 01 Aug, 2026 05:02 PM

हिमाचल प्रदेश के शिमला जिला के चौपाल उपमंडल में आस्था को ठेस पहुंचाने वाले मामले को पुलिस ने सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। पुलिस ने आराध्य बिजट महाराज मंदिर (पबास) से चोरी हुए सोने के आभूषणों बरामद कर लिया है।
शिमला (संतोष): हिमाचल प्रदेश के शिमला जिला के चौपाल उपमंडल में आस्था को ठेस पहुंचाने वाले मामले को पुलिस ने सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। पुलिस ने आराध्य बिजट महाराज मंदिर (पबास) से चोरी हुए सोने के आभूषणों बरामद कर लिया है। इस मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि जिस व्यक्ति (भंडारी) पर मंदिर की संपत्ति और खजाने की रक्षा का जिम्मा था, वही इस चोरी का मुख्य सूत्रधार निकला।
जानकारी के अनुसार मंदिर से सोने के आभूषण गायब होने की भनक लगते ही स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया। गांव डिम्मो (डाकघर सरांह) के निवासी श्याम लाल और गांव टियाड़ी (डाकघर देवत) के निवासी विरेंद्र सिंह व प्रकाश चंद ने इस संदर्भ में पुलिस को शिकायत सौंपी। शिकायतकर्ताओं ने स्पष्ट आरोप लगाया था कि बिजट महाराज मंदिर पबास के वर्तमान भंडारी देविंद्र सिंह पुत्र स्व. आलम सिंह, निवासी गांव टियाड़ी ने ही मंदिर के पवित्र स्वर्ण आभूषणों को चुराकर बेचा है।
शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए पुलिस थाना चौपाल में भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2) के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी भंडारी के खिलाफ कार्रवाई की और उसके कब्जे से मंदिर के चोरी किए गए सभी सोने के आभूषण सफलतापूर्वक बरामद कर लिए। आभूषणों की बरामदगी के बाद पुलिस ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 35(3) के तहत विधिवत नोटिस जारी कर आगामी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई है।
पुलिस के अनुसार फिलहाल आरोपी को नोटिस देकर उससे गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस जांच टीम अब इस देव-अपराध के अन्य पहलुओं की भी बारीकी से पड़ताल कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि क्या इस कृत्य में आरोपी के साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था और चुराए गए आभूषणों की खरीद-फरोख्त किस स्तर पर या किसे की जानी थी। मामले के खुलासे के बाद क्षेत्र के लोगों में भारी रोष है।
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