Edited By Kuldeep, Updated: 21 Apr, 2026 09:34 PM

हिमाचल प्रदेश में बनी दवाओं के 47 सैंपल फेल हो गए हैं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने इस माह का ड्रग अलर्ट जारी किया है। देश में कुल दवाओं के 141 सैंपल फेल हुए हैं।
सोलन (पाल): हिमाचल प्रदेश में बनी दवाओं के 47 सैंपल फेल हो गए हैं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने इस माह का ड्रग अलर्ट जारी किया है। देश में कुल दवाओं के 141 सैंपल फेल हुए हैं। इसमें हिमाचल की संख्या 47 है। जिन दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, इनमें कफ सिरप, इंजैक्शन, दिल, मिर्गी, ब्लड प्रैशर और शूगर जैसी गंभीर बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली दवाएं शामिल हैं, वहीं कुछ पाऊडर, आयरन व विटामिन की गोलियां भी गुणवत्ता परीक्षण में फेल हो गईं। सीडीएससीओ के अलर्ट में मेहंदी, टूथपेस्ट, साबुन सहित अन्य कई और उत्पादों के सैंपल भी फेल हुए हैं।
सीडीएससीओ के ड्रग अलर्ट के अनुसार हिमाचल के अतिरिक्त उत्तराखंड की 20, गुजरात की 23, पंजाब की 7, राजस्थान की 6, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा की 5-5 दवाएं, तमिलनाडु व महाराष्ट्र की 3-3, केरल, पड्डुचेरी, चेन्नई, जे. एंड के., तेलंगाना के 2-2 दो और यूपी, सिक्किम, झारखंड, दिल्ली, वैस्ट बंगाल, आंध्र प्रदेश और उडीसा का एक-एक दवा का सैंपल फेल हुआ है।
राज्य दवा नियंत्रक हिमाचल प्रदेश डा. मनीष कपूर का कहना है कि हिमाचल प्रदेश में बनाई जाने वाली दवाएं उच्च गुणवत्ता की हों, इसी कारण हिमाचल से सैंपल की संख्या बढ़ाई गई है। देशभर में बनने वाली कुल दवाओं में एक तिहाई हिस्सा हिमाचल में तैयार होता है, ऐसे में अन्य राज्यों की तुलना में हिमाचल के सैंपल अधिक फेल नजर आते हैं। हालांकि प्रदेश के जिन दवा उद्योगों में यह दवाएं बनी हुई हैं, उनका उत्पादन बंद करवाया जाता है और शाे कॉज नोटिस भेजकर उनसे इस बारे में जवाब लिया जाता है और गलती पाए जाने पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाती है। देशभर के लोगों से अपील है कि जो भी दवाएं फेल पाई जाती हैं, उनकी सारी जानकारी पब्लिक प्लेटफार्म पर सार्वजनिक की जाती है, ताकि लोग इनका उपयोग न करें।