Edited By Kuldeep, Updated: 22 Oct, 2026 05:15 PM

जिला शिमला के पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजीव कुमार गांधी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस थाना सदर शिमला में उनके खिलाफ एक पुलिस कांस्टेबल से धोखाधड़ी और सरकारी फंड के दुरुपयोग के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
शिमला (संतोष): जिला शिमला के पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजीव कुमार गांधी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस थाना सदर शिमला में उनके खिलाफ एक पुलिस कांस्टेबल से धोखाधड़ी और सरकारी फंड के दुरुपयोग के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस लाइन कैंथू में तैनात कांस्टेबल की शिकायत के अनुसार वर्ष 2024 और 2025 के दौरान सरकारी इंतजामों के लिए उसने अपनी जेब से 1,87,890 खर्च किए थे। बिल स्वीकृत होने के बावजूद 6 फरवरी, 2026 को तत्कालीन एसएसपी संजीव कुमार गांधी ने भुगतान के नाम पर वाऊचर पर हस्ताक्षर करवा लिए, लेकिन कांस्टेबल के खाते में पैसे नहीं भेजे गए।
जुलाई, 2026 में जांच करने पर पता चला कि उक्त स्वीकृत राशि कांस्टेबल को देने के बजाय किसी अन्य फंड के घाटे को पूरा करने के लिए ट्रांसफर कर दी गई थी। जांच में खुलासा हुआ कि जिला पुलिस के एक फंड से पिछले 2 वर्षों में लगभग 2,35,000 की अवैध निकासी की गई थी, जिसका कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। तबादला होने पर इस कमी को छिपाने के लिए कांस्टेबल की स्वीकृत राशि को धोखे से उस फंड में जमा करा दिया गया।
वित्तीय अनियमितता और रिकॉर्ड की शुरूआती जांच के आधार पर पूर्व एसएसपी संजीव कुमार गांधी के खिलाफ बीएनएस की धारा 316(5), 314, 318, 336 और 340 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। ये धाराएं धोखाधड़ी, सरकारी धन के दुरुपयोग और फर्जी दस्तावेज तैयार करने से संबंधित हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।