विधानसभा : विधानसभा में गूंजा भाजपा सरकार के कार्यकाल में खोले गए संस्थानों को बंद करने का मुद्दा

Edited By Kuldeep, Updated: 01 Sep, 2026 06:13 PM

shimla legislative assembly institute

राज्य विधानसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान प्रदेश में पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में खोले गए संस्थानों को बंद करने का मुद्दा गूंजा। इस दौरान पक्ष व विपक्ष के सदस्यों के बीच नोक-झोंक भी चलती रही।

शिमला (भूपिन्द्र): राज्य विधानसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान प्रदेश में पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में खोले गए संस्थानों को बंद करने का मुद्दा गूंजा। इस दौरान पक्ष व विपक्ष के सदस्यों के बीच नोक-झोंक भी चलती रही। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार जरूरत और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर संस्थान खोलने अथवा बंद करने का निर्णय लेती है। सरकार ने जनता की जरूरत के हिसाब से संस्थान खाेले हैं, जबकि पूर्व सरकार ने राजनीतिक लाभ के लिए चुनाव से पहले संस्थान खोले तथा रेवड़ियां बांटी। यह बात उन्होंने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, रणधीर शर्मा व त्रिलोक जम्वाल के मूल तथा बिक्रम सिंह, डा. हंस राज के अनुपूरक सवाल के जवाब में कही। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर राजनीतिक द्वेष के चलते संस्थान बंद करने का आरोप लगाया।

सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने सदन में बताया कि सरकार ने पिछले 3 वर्षों के दौरान 31 जुलाई 2025 तक विभिन्न विभागों के 2035 संस्थान बंद किए, जबकि इसी अवधि में 362 नए संस्थान खोले गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन 362 संस्थानों में 123 ऐसे हैं, जिन्हें पहले डिनोटिफाई किया गया था और बाद में आवश्यकता के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध करवाकर दोबारा शुरू किया गया। सुक्खू ने कहा कि संस्थान बंद करने के फैसले नीतिगत होते हैं, व्यक्तिगत नहीं। उन्होंने कहा कि जनगणना पूरी होने के बाद आवश्यकता के अनुसार संस्थानों को अधिसूचित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्थापित मैडीकल कॉलेजों के आसपास संचालित स्वास्थ्य संस्थानों का भी युक्तिकरण किया जाएगा। मैडीकल कॉलेज के दो से तीन किलोमीटर की परिधि में आने वाले स्वास्थ्य संस्थानों की आवश्यकता और उपयोगिता की समीक्षा की जाएगी। इस दौरान विधायक रणधीर शर्मा और बिक्रम ठाकुर ने भी अनुपूरक सवाल उठाए।

हंस राज ने उठाया चुराह में बंद संस्थान का मुद्दा
भाजपा विधायक हंस राज ने सरकार पर क्षेत्रीय असंतुलन का आरोप लगाते हुए कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र में 45 किलोमीटर के दायरे में तीन-तीन कॉलेज हैं, जबकि भौगोलिक रूप से कठिन चुराह क्षेत्र में बिजली बोर्ड का एकमात्र डिवीजन और दो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंद कर दिए गए हैं। उन्होंने बंद किए गए संस्थानों को फिर से शुरू करने की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वे जल्द चुराह विधानसभा क्षेत्र का दौरा करेंगे और मौके की स्थिति देखने के बाद आवश्यकता के अनुसार नए कार्यालय या स्वास्थ्य संस्थान खोलने पर निर्णय लिया जाएगा।

राजनीतिक प्रतिशोध से किए संस्थान बंद : जयराम
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर पूर्व भाजपा सरकार के फैसलों को राजनीतिक नजरिए से देखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने भी संस्थान जनता की मांग और आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए खोले थे। उन्होंने जानना चाहा कि संस्थान बंद करने को मापदंड क्या थे। उनका कहना था कि मंत्रिमंडल के गठन से पहले ही मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री ने पूर्व सरकार के समय में खोले संस्थान बंद कर दिए। सरकार ने 6 माह नहीं 1 वर्ष में खोले संस्थान बंद किए हैं। सरकार अपने इस फैसले की समीक्षा करे। जयराम ठाकुर ने सवाल उठाया कि जिन संस्थानों को बदले की भावना से बंद किया गया, क्या उन्हें दोबारा खोला गया है। ठाकुर ने कहा कि भाजपा के सत्ता में लौटने पर कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में लिए गए फैसलों की समीक्षा करेगी। जयराम ने यह भी कहा कि जनगणना पूरी होने तक संस्थानों को लेकर घोषणाएं नहीं की जा सकती हैं।

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