Edited By Kuldeep, Updated: 12 Sep, 2026 07:20 PM

शिमला जिले के रामपुर उपमंडल के 15/20 क्षेत्र स्थित फांचा कंडे के नीचे जमीन धंसने से कई दर्जन देवदार के विशालकाय पेड़ ताश के पत्तों की तरह ढह गए।
शिमला (ब्यूरो): शिमला जिले के रामपुर उपमंडल के 15/20 क्षेत्र स्थित फांचा कंडे के नीचे जमीन धंसने से कई दर्जन देवदार के विशालकाय पेड़ ताश के पत्तों की तरह ढह गए। ननती गांव के सामने फांचा कंडे के नीचे हो रहे इस कटाव से ग्रामीणों में भय का माहौल है। उधर, सिरमौर जिले के नाहन और आसपास के क्षेत्रों में बीती रात को हुई मूसलाधार बारिश के बाद गिरि जाटों डैम का जलस्तर बढ़ गया, जिसके चलते देर शाम बांध से पानी छोड़ा गया। उसके बाद निचले और मैदानी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए सतर्क रहने की चेतावनी जारी की गई है।
ऊना में बरशे सबसे अधिक मेघ
शनिवार को हिमाचल के ऊना में सबसे अधिक 15.4, धर्मशाला में 8.1 तथा शिमला में 4.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। मौसम विभाग के अनुसार 13 से 17 सितम्बर के दौरान राज्य के मैदानी, निचले व मध्य पर्वतीय क्षेत्रों शिमला, मंडी, कुल्लू, चम्बा, सिरमौर व सोलन आदि में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने और बिजली कड़कने की संभावना है। 18 सितम्बर से बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी और केवल 1-2 स्थानों पर ही हल्की वर्षा होगी।
मानसून से अब तक 1,683 करोड़ का नुक्सान, 63 सड़कें बंद
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार प्रदेश में कुल 63 सड़कें भूस्खलन और मलबे के कारण बंद हैं। राज्य भर में 21 ट्रांसफार्मर व 2 पेयजल योजनाएं ठप्प हैं। इस मानसून में अब तक लगभग 1,683.74 करोड़ रुपए की सरकारी व निजी संपत्ति का नुक्सान हो चुका है। राज्य में 155 मकान पूरी तरह ध्वस्त हुए हैं, जबकि 1,578 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।