Edited By Vijay, Updated: 03 Sep, 2026 07:48 PM

शिमला जिला के उपमंडल रामपुर में उपभोक्ताओं से मनमाने दाम वसूलने वाले फल एवं सब्जी विक्रेताओं पर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने बाजार में औचक निरीक्षण किया, जिससे...
रामपुर बुशहर (नोगल): शिमला जिला के उपमंडल रामपुर में उपभोक्ताओं से मनमाने दाम वसूलने वाले फल एवं सब्जी विक्रेताओं पर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने बाजार में औचक निरीक्षण किया, जिससे दुकानदारों में हड़कंप मच गया। प्रशासन ने बिना मूल्य सूची (रेट लिस्ट) के सामान बेच रहे दुकानदारों को सख्त चेतावनी देते हुए तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस औचक निरीक्षण टीम का नेतृत्व खाद्य आपूर्ति विभाग के निरीक्षक राम सिंह कटोच और रामपुर के तहसीलदार योगेश कुमार वर्मा ने किया। टीम ने मुख्य रूप से नियमों के अनुपालन और दुकानों पर मूल्य सूची के सार्वजनिक प्रदर्शन की बारीकी से जांच की। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई फल और सब्जी विक्रेताओं ने अपनी दुकानों पर ग्राहकों के लिए मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं की थी, जो कि नियमों का सीधा उल्लंघन है।
इस अनियमितता पर सख्त संज्ञान लेते हुए संयुक्त टीम ने संबंधित दुकानदारों को मौके पर ही चेतावनी मेमो जारी किए। प्रशासन ने सभी फल एवं सब्जी विक्रेताओं को तीन दिन का समय देते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपनी दुकानों पर दैनिक और प्रचलित बिक्री दरों (रेट लिस्ट) की सूची ऐसे प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करें, जहां से ग्राहकों को वह आसानी से दिखाई दे सके। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने दोटूक शब्दों में कहा कि यदि निर्धारित तीन दिन की अवधि के भीतर रेट लिस्ट का बोर्ड नहीं लगाया गया, तो नियमों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बाजार में बिकने वाली वस्तुओं के दामों में पारदर्शिता होना अनिवार्य है। इसका मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं से मनमानी या अधिक कीमत वसूलने (ओवरचार्जिंग) की संभावनाओं पर पूरी तरह से रोक लगाना है, ताकि आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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