Edited By Kuldeep, Updated: 18 May, 2026 06:16 PM

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल ने कहा कि 25 नगर परिषद व 22 नगर पंचायतों के चुनाव परिणाम से स्पष्ट संकेत मिल गया है कि हिमाचल प्रदेश से कांग्रेस सरकार जाने वाली है।
शिमला (कुलदीप): भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल ने कहा कि 25 नगर परिषद व 22 नगर पंचायतों के चुनाव परिणाम से स्पष्ट संकेत मिल गया है कि हिमाचल प्रदेश से कांग्रेस सरकार जाने वाली है। उन्होंने दावा किया कि शहरी निकाय चुनाव में भाजपा ने 229 में से 120 सीटों पर जीत दर्ज की है। इसके विपरीत चुनाव परिणाम आने के बाद झूठ के दावे करने वाली कांग्रेस पार्टी तो प्रत्याशी तक नहीं उतार पाई है। ऐसे में उसकी तरफ से किए जाने वाला जीत का कोई भी दावा मायने नहीं रखता। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल शिमला में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में मिली हार के कारण मुख्यमंत्री बौखला गए हैं, जिस कारण लोकतंत्र की हत्या करने के लिए अनैतिक तरीकों को अपनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि उपमुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और लोक निर्माण मंत्री तक इस चुनाव में अपनी साख नहीं बचा पाए हैं। उन्होंने कहा कि यह जनादेश कांग्रेस सरकार की विफलताओं, झूठी गारंटियों और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ खुला जनमत संग्रह है।
उन्होंने कहा कि भाजपा ईमानदारी के साथ उन उम्मीदवारों को कांग्रेस समर्थित मान रही है, जिनके खिलाफ पार्टी ने चुनाव लड़ा और इसी आधार पर चुनाव परिणाम का विश्लेषण किया है। उन्होंने कहा कि ये चुनाव अक्तूबर-नवम्बर, 2025 में हो जाने चाहिए थे, लेकिन कांग्रेस सरकार चुनाव से भागती रही थी। उन्होंने कहा कि चुनाव घोषित होने के बाद भाजपा ने पूरे प्रदेश में प्रभारी, सह-प्रभारी और चुनावी टीमों की नियुक्ति कर संगठनात्मक स्तर पर व्यापक तैयारी की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था, बढ़ता माफिया राज, गैंगवार, विकास कार्यों का ठप्प होना, संस्थानों को बंद करना, महंगाई, बिजली-पानी और परिवहन किराए में वृद्धि तथा झूठी गारंटियों से जनता त्रस्त है।
मंत्री, विधायक व अधिकारी भाजपा पार्षदों को धमका रहे
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार के मंत्री, विधायक व अधिकारी भाजपा के विजयी पार्षदों को धमका रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनावों के नियमों में बदलाव कर लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। उन्होंने अधिकारियों से निष्पक्षता बनाए रखने की अपील की कि वे कांग्रेस के हाथों में न खेलें तथा संविधान के अनुसार कार्य करें।