Edited By Kuldeep, Updated: 02 Nov, 2026 07:37 PM

भाजपा की पदयात्रा में असम के मुख्यमंत्री व अन्य नेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पलटवार किया है।
शिमला (भूपिन्द्र): भाजपा की पदयात्रा में असम के मुख्यमंत्री व अन्य नेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल भाजपा 5 गुटों में बंटी हुई है। इन गुटों को एकजुट करने के लिए असम के मुख्यमंत्री को हिमाचल लाना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि भाजपा की पिछली बार के मुकाबले इस बार और कम सीटें आएंगी। भाजपा के 16 विधायक भी दोबारा चुनाव जीतने की स्थिति में नहीं है। दिल्ली रैली से शिमला लौटने पर मीडिया से अनौपचारिक बातचीत के दौरान उन्होंने भाजपा की यात्रा और भाजपा नेताओं के बयानों पर पलटवार करते हुए 2027 में कांग्रेस की सरकार बनने का दावा किया तथा कहा कि कांग्रेस सरकार के शपथ ग्रहण में असम के सीएम को जरूर बुलाएंगे।
उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस की सरकार बनेगी तो शपथ ग्रहण समारोह में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को निमंत्रण भेजा जाएगा। सुक्खू ने कहा कि ईवीएम को लेकर वर्ष 2024 के बाद सवाल उठे हैं, जबकि हिमाचल में वर्ष 2022 में चुनाव हुए थे। एसआईआर का विरोध कब से हो रहा है, इन सभी पहलुओं को समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम जनता की आवाज उठाना है। दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई बड़ी रैली में लाखों लोगों की भागीदारी इस बात का संकेत है कि जनता एसआईआर के मुद्दे को गंभीरता से ले रही है। भाजपा द्वारा दिल्ली रैली को फ्लाॅप बताए जाने के आरोपों पर सुक्खू ने कहा कि भाजपा की हर बात का जवाब देना उचित नहीं है।
आरडीजी बंद होने की चुनौती का किया सामना
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) राशि में कटौती के बावजूद सरकार ने आर्थिक चुनौतियों का सामना किया है। यदि किसी परिवार की मासिक आय एक लाख या 50 हजार रुपए हो और उसमें से 15 से 20 हजार रुपए कम हो जाएं तो परिवार को अपना बजट नए सिरे से संतुलित करना पड़ता है। सरकार भी एक परिवार की तरह प्रदेश का संचालन कर रही है तथा कर्मचारियों को 5 प्रतिशत डीए दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। हिमाचल की संपदा को न लूटेंगे और न ही किसी को लूटने देंगे।