Edited By Swati Sharma, Updated: 13 Sep, 2026 10:33 AM

हौसले अगर बुलंद हो, तो मुश्किल से मुश्किल शारीरिक सीमाओं को भी पार किया जा सकता है और इसे सेरेब्रल पाल्सी से जूझ रही छात्रा पलक चौधरी ने 12वीं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करके साबित कर दिया है।
Himachal News : हौसले अगर बुलंद हो, तो मुश्किल से मुश्किल शारीरिक सीमाओं को भी पार किया जा सकता है और इसे सेरेब्रल पाल्सी से जूझ रही छात्रा पलक चौधरी ने 12वीं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करके साबित कर दिया है। हिमाचल प्रदेश में रैत सरकारी उच्च माध्यमिक स्कूल की छात्रा पलक 80 प्रतिशत से अधिक शारीरिक दिव्यांगता से जूझ रही हैं और चल-फिर नहीं सकतीं लेकिन अपनी दिव्यांगता के बावजूद मार्च 2026 में हुई 12वीं कक्षा की परीक्षा में उसने 80 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए।
वहीं, अब पलक ने 12वीं के बाद डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन (डीएलएड) के लिए प्रवेश परीक्षा पास की और राजोल के ज्ञान ज्योति कॉलेज में अपनी आगे की पढ़ाई शुरू कर दी है। इस सफर में पलक का साथ देने में स्कूल के शिक्षकों और उनके परिवार ने अहम भूमिका निभाई। प्राचार्य शमशेर भारती और शिक्षकों ने सुबह की प्रार्थना के दौरान उन्हें शिक्षा के लिए 51,000 रुपये की सहायता राशि दी। शिक्षिका अनुपम ने भी पलक को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद करने के लिए अपनी लिखी एक किताब भेंट की। पलक ने अपने शिक्षकों के सहयोग और स्नेह से अभिभूत होकर अपनी पढ़ाई के सफर में उनका हौसला बढ़ाने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
पलक को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) धर्मशाला में भी दाखिला मिल गया था लेकिन उन्होंने राजोल के संस्थान को चुना क्योंकि वहां उनके घर से आने-जाने की बेहतर सुविधा थी। इसके अलावा उनकी उपलब्धि को साहस, द्दढ़ता और उम्मीद की एक प्रेरणादायक मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है, जो यह दिखाती है कि शारीरिक सीमाएं उन लोगों को नहीं रोक सकतीं जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए द्दढ़ संकल्पित हैं।
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