Shimla: चिकित्सा अधिकारियों को एनपीए देने पर विचार कर रही सरकार : सुक्खू

Edited By Kuldeep, Updated: 07 Sep, 2026 09:51 PM

shimla medical officer npa

प्रदेश सरकार चिकित्सा अधिकारियों, विशेषज्ञों को नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाऊंस (एन.पी.ए) देने पर विचार कर रही है।

शिमला (ब्यूरो): प्रदेश सरकार चिकित्सा अधिकारियों, विशेषज्ञों को नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाऊंस (एन.पी.ए) देने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मरीजों को विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों को मजबूत करने को प्राथमिकता दी जा रही है और स्वास्थ्य संस्थानों में रिक्त पदों को चरणबद्ध तरीके से भरा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए कैंसर देखभाल संस्थानों को सुदृढ़ करने के लिए सरकार 800 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इसके लिए भविष्य की कार्ययोजना तैयार करने को विशेषज्ञ समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। एम्स दिल्ली की तर्ज पर अत्याधुनिक मशीनरी और उपकरण खरीदने की प्रक्रिया भी जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र के विद्यार्थियों और फैकल्टी को आधुनिक उपचार पद्धतियों और विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं से परिचित करवाने के लिए विदेशों के प्रतिष्ठित स्वास्थ्य संस्थानों के एक्सपोजर विजिट करवाने की योजना बनाई जा रही है। इससे विद्यार्थियों और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की कार्यप्रणाली समझने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार जीन और मॉलिक्यूलर थैरेपी जैसी नई उपचार तकनीकों की दिशा में भी आगे बढ़ने की योजना बना रही है।

बैठक में उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, विधायक संजय अवस्थी, हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव कंवर व स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रदेश के सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

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