Himachal: नेरचौक मेडिकल कॉलेज ने रचा इतिहास, रोबोटिक सर्जरी से 65 वर्षीय महिला को दी नई जिंदगी

Edited By Vijay, Updated: 03 Sep, 2026 07:31 PM

nerchowk medical college

श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नेरचौक ने हिमाचल प्रदेश के चिकित्सा इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। अस्पताल के स्त्री रोग और सर्जरी विभाग ने प्रदेश की पहली ऐसी संयुक्त रोबोटिक सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है....

नेरचौक/मंडी: श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नेरचौक ने हिमाचल प्रदेश के चिकित्सा इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। अस्पताल के स्त्री रोग और सर्जरी विभाग ने प्रदेश की पहली ऐसी संयुक्त रोबोटिक सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है, जिसमें एक 65 वर्षीय महिला के पित्ताशय की पथरी और गर्भाशय व अंडाशय की रसौली (ट्यूमर) का एक ही चरण में सफल ऑप्रेशन किया गया। हिमाचल के किसी भी सरकारी या निजी स्वास्थ्य संस्थान में अपनी तरह का यह पहला और अनोखा मामला है।

चंडीगढ़ के अस्पतालों ने उम्र और जोखिम के कारण खड़े कर दिए थे हाथ
जानकारी के अनुसार 65 वर्षीय लाभार्थी महिला जिला मंडी के त्रिफालघाट की रहने वाली हैं। वह लंबे समय से इन गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं। इससे पहले वह ईसीएचएस के माध्यम से चंडीगढ़ में अपना इलाज करवा रही थीं। लेकिन अधिक उम्र और अन्य स्वास्थ्य जटिलताओं (हाई-रिस्क) के चलते वहां के चिकित्सकों ने इस दोहरी सर्जरी का जोखिम उठाने से इंकार कर दिया था। इसी बीच महिला ने समाचार पत्रों के माध्यम से नेरचौक मेडिकल कॉलेज में शुरू हुई अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी की सुविधा के बारे में पढ़ा और उम्मीद लेकर सीधे यहां पहुंचीं।

विशेषज्ञों के समन्वय से मिली सफलता
अस्पताल पहुंचने पर स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. केशव बेनीपाल ने मरीज की स्थिति का गहनता से आकलन किया। इसके बाद शल्य चिकित्सा (सर्जरी) और निश्चेतना (एनेस्थीसिया) विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर इस जटिल ऑपरेशन की रूपरेखा तैयार की गई। इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी को स्त्री रोग विभाग के डॉ. नलनीश शर्मा व डॉ. केशव बेनीपाल, सर्जरी विभाग के विशेषज्ञ दल और एनेस्थीसिस्ट डॉ. जसा की संयुक्त टीम ने अत्याधुनिक रोबोटिक तकनीक की मदद से सफलतापूर्वक पूरा किया। रोबोटिक तकनीक की सटीकता के कारण इतनी बड़ी और दोहरी सर्जरी के बावजूद मरीज के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार आया। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद महिला को अस्पताल से छुट्टी (डिस्चार्ज) दे दी गई है।

प्राचार्य ने थपथपाई मेडिकल टीम की पीठ 
इस अभूतपूर्व सफलता पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने पूरी मेडिकल टीम की पीठ थपथपाई है। टीम को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि हमारे चिकित्सकों की उत्कृष्ट कार्यकुशलता, तकनीकी दक्षता और मरीजों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है। राज्य के भीतर ही विश्वस्तरीय रोबोटिक सर्जरी उपलब्ध होना प्रदेशवासियों के लिए एक बड़ी राहत है। इस सफल सर्जरी ने यह साबित कर दिया है कि अब हिमाचल प्रदेश के मरीजों को जटिल ऑपरेशनों के लिए बाहरी राज्यों के बड़े अस्पतालों पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं है।

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