Edited By Kuldeep, Updated: 28 Oct, 2026 09:00 PM

हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के नगरोटा बगवां में वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध में भारतीय नौसेना में सेवाएं दे चुके 88 वर्षीय पूर्व सैनिक केसी भंडारी के बैंक खाते से कथित तौर पर 1,99,081.15 रुपए की साइबर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।
नगरोटा बगवां (दुसेजा): हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के नगरोटा बगवां में वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध में भारतीय नौसेना में सेवाएं दे चुके 88 वर्षीय पूर्व सैनिक केसी भंडारी के बैंक खाते से कथित तौर पर 1,99,081.15 रुपए की साइबर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित पूर्व सैनिक ने प्रधानमंत्री, केनरा बैंक तथा साइबर अपराध जांच एजैंसियों से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर उनकी राशि वापस दिलाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है। केसी भंडारी के अनुसार, बुधवार दोपहर उनके व्हाट्सएप पर एक लिंक आया था। जैसे ही उन्होंने उसे खोलने के लिए दबाया, उनके बैंक खाते से पैसे कटने का संदेश प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि इस दौरान उनसे कोई ओटीपी भी नहीं मांगा गया।
खाते से इतनी बड़ी राशि निकलने का संदेश देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। मामले को और भी संवेदनशील बनाता है उनकी पारिवारिक स्थिति। उनकी पत्नी वर्ष 2004 से लकवाग्रस्त हैं और पूरी तरह बिस्तर पर निर्भर हैं। ऐसे में जीवनभर की मेहनत की कमाई से जुड़ी इस घटना ने परिवार की चिंता बढ़ा दी है। पीड़ित ने संबंधित एजैंसियों से संदिग्ध लाभार्थी खातों की पहचान कर उनमें उपलब्ध राशि को नियमानुसार तत्काल फ्रीज करने तथा लेन-देन की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।
साथ ही, केनरा बैंक से लेन-देन के दौरान ओटीपी प्रमाणीकरण, पंजीकृत मोबाइल नंबर और डिजिटल बैंकिंग माध्यमों की आंतरिक समीक्षा कर स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया है। पूर्व सैनिक ने वरिष्ठ नागरिकों और पूर्व सैनिकों को साइबर ठगी से बचाने के लिए भी प्रभावी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की अपील की है। अब देखना होगा कि संबंधित बैंक और जांच एजैंसियां इस मामले में कितनी शीघ्र कार्रवाई करती हैं और पीड़ित को उसकी मेहनत की कमाई वापस दिलाने में क्या कदम उठाए जाते हैं।