Mandi: अधिकारियों के हाथों की कठपुतली बन चुके हैं सुक्खू : जयराम

Edited By Kuldeep, Updated: 26 May, 2026 05:43 PM

mandi sukhu puppet jairam

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू अधिकारियों के हाथों की कठपुतली बन चुके हैं और पूरी तरह से कंप्रोमाइज्ड हैं। ये बातें मंगलवार को मंडी में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहीं।

मंडी (रजनीश): मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू अधिकारियों के हाथों की कठपुतली बन चुके हैं और पूरी तरह से कंप्रोमाइज्ड हैं। ये बातें मंगलवार को मंडी में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहीं। जयराम ठाकुर ने वर्तमान कार्यवाहक मुख्य सचिव को स्थायी नियुक्ति दिए जाने के फैसले की निंदा की और कहा कि जिस अधिकारी की नियुक्ति को माननीय उच्च न्यायालय में जनहित याचिका के जरिए चुनौती दी गई है और जहां कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी किया है, ऐसे संवेदनशील समय में उसी अधिकारी को स्थायी सीएस बनाना सरकार की नीयत पर बड़े सवाल खड़े करता है। जयराम ने आरोप लगाया कि इस अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत 3 एफआईआर दर्ज हैं और चेस्टर हिल बेनामी संपत्ति मामले में भी इनका नाम आ चुका है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि कार्रवाई करने की बजाय मुख्यमंत्री उन्हें संरक्षण दे रहे हैं, जिससे साफ है कि कांग्रेसी नेताओं और मित्र मंडली के कुछ गहरे राज इन अधिकारियों के पास दबे हैं। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री इतने बेबस हैं कि वे भ्रष्ट अधिकारियों को पुरस्कृत कर रहे हैं और उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद भी सेवा विस्तार या पुनर्नियुक्ति देने की फिराक में हैं। जिन अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं, उन्हीं अधिकारियों से मुख्यमंत्री आज घिरे हुए हैं।

भारत-पाकिस्तान सिंधु जल समझौते के निलंबन पर सवाल उठाने वालों को मिला करारा जवाब
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भारत-पाकिस्तान सिंधु जल समझौते के निलंबन पर सवाल उठाने वालों को पीएम मोदी ने करारा जवाब दिया है। केंद्र सरकार ने पाकिस्तान जाने वाली नदियों का पानी डायवर्ट करने के लिए 2,620 करोड़ रुपए की लागत से 2 बड़ी टनल परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इसके तहत हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में 2,352 करोड़ रुपए की लागत से 8.7 किलोमीटर लंबी चिनाब-ब्यास लिंक टनल बनाई जाएगी, जो चिनाब की सहायक चंद्रा नदी के अतिरिक्त पानी को हाईड्रोलिक संरचनाओं के जरिए ब्यास बेसिन में मोड़ेगी।

इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के सलाल बांध में 268 करोड़ रुपए की लागत से सेडिमेंट-बाईपास टनल का निर्माण होगा। इस ऐतिहासिक इंटर-बेसिन नदी-जोड़ो परियोजना से चंद्रा नदी का पानी पाकिस्तान जाने की बजाय ब्यास में मिलेगा, जिससे हिमाचल में बिजली उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा और राजस्थान को भी भारी लाभ होगा।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!