Edited By Swati Sharma, Updated: 01 Aug, 2026 01:02 PM

Kullu JE Mur/der Case : जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता लाभ सिंह गुलेरिया हत्याकांड में पुलिस रिमांड पर चल रहे आरोपियों से पूछताछ में खुलासे हो रहे हैं। पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया है कि आरोपी डॉक्टर दंपति, उसके भाई और ससुर ने...
Kullu JE Murder Case : जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता लाभ सिंह गुलेरिया हत्याकांड में पुलिस रिमांड पर चल रहे आरोपियों से पूछताछ में खुलासे हो रहे हैं। पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया है कि आरोपी डॉक्टर दंपति, उसके भाई और ससुर ने कनिष्ठ अभियंता को ठिकाने लगाने के लिए कई योजनाएं बनाई थीं, लेकिन डर और हड़बड़ाहट के आगे उनकी एक न चली।
पूछताछ में हुए चौंकाने वाले खुलासे
पूछताछ में सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने के बाद चारों आरोपियों का सबसे पहला और मुख्य प्लान कनिष्ठ अभियंता को उफनती ब्यास नदी में फेंकने का था। इन दिनों पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के कारण ब्यास नदी का जलस्तर अपने चरम पर है। हत्यारोपी इस बात को अच्छी तरह जानते थे कि यदि अधमरी हालत में जूनियर इंजीनियर को नदी के हवाले कर दिया जाए तो तेज बहाव के कारण शव को ढूंढ पाना नामुमकिन हो जाएगा। कुल्लू घाटी का इतिहास रहा है कि व्यास और पार्वती नदी में डूबने वाले कई लोगों के नहीं हो सके हैं। आरोपी इसी भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर सबूतों को मिटाना चाहते थे। नदी में शव को ठिकाने लगाने की राह में सबसे बड़ी बाधा दूरी और समय की कमी बनी। वारदात स्थल से ब्यास नदी तक पहुंचने के लिए आरोपियों को एक तरफ से 2 किलोमीटर और पिरड़ी की तरफ से लगभग 3 किलोमीटर का सफर तय करना था।
वहीं, कनिष्ठ अभियंता को लहूलुहान करने के बाद मौके पर भारी आपाधापी मची हुई थी। आरोपियों के सिर पर पकड़े जाने का खौफ इस कदर हावी था कि वे गाड़ी में शव को इतनी दूर रले जाने का जोखिम नहीं उठा सके। उन्हें डर था कि रास्ते में कोई उन्हें देख न ले या पुलिस की नाकेबंदी में न फंस जाएं। इसी जल्दबाजी व डर के कारण उनकी यह मुख्य योजना धरी की धरी रह गई। नदी का प्लान फेल होने के बाद आरोपियों ने कनिष्ठ अभियंता को अधमरी हालत में गाड़ी में डालकर पिरड़ी की तरफ ले जाने का प्रयास किया, ताकि उसे किसी सुनसान जगह पर फेंका जा सके लेकिन इसी दौरान उन्हें भनक लगी कि कनिष्ठ अभियंता के परिवार के सदस्य उसकी तलाश में उसी रास्ते से कुल्लू, की तरफ आ रहे हैं। कोई सुरक्षित रास्ता न पाकर आरोपियों ने आनन-फानन में कनिष्ठ अभियंता को गांधीनगर के पास एक नाले में फेंक दिया और मौके से फरार हो गए। इसके कुछ ही समय बाद कनिष्ठ अभियंता की पत्नी और अन्य परिजन भी ढूंढते हुए उसी इलाके के करीब पहुंच गए थे।
हालांकि, तब तक वहां से गुजर रहे कुछ राहगीरों ने नाले में पड़े लहूलुहान शख्स को देख लिया और तुरंत पुलिस व एम्बुलेंस को सूचना दी थी। राहगीरों की मुस्तैदी के कारण कनिष्ठ अभियंता को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। एसपी कुल्लू मदन लाल ने बताया कि हत्यारोपियों से पूछताछ चल रही है। हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियारों की वरामदगी के प्रयास तेज कर दिए गए है।
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