Mandi: करसोग की इस पंचायत में देवदार के पेड़ों का अवैध कटान! पुलिस ने लकड़ी कब्जे में लेकर वन विभाग को सौंपी

Edited By Vijay, Updated: 18 Oct, 2026 04:21 PM

illegal cutting of trees

मंडी जिले के उपमंडल करसोग के तहत आने वाली ग्राम पंचायत कुठेहड़ में सड़क किनारे देवदार के पेड़ों के कटान का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीण की शिकायत पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कटी हुई लकड़ी को अपने कब्जे में ले लिया है....

करसोग (धर्मवीर): मंडी जिले के उपमंडल करसोग के तहत आने वाली ग्राम पंचायत कुठेहड़ में सड़क किनारे देवदार के पेड़ों के कटान का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीण की शिकायत पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कटी हुई लकड़ी को अपने कब्जे में ले लिया है और आगामी कार्रवाई के लिए इसे वन विभाग को सौंप दिया है। इस पूरे घटनाक्रम में वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिसकी जांच अब संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है।

रात के समय कटर चलने की आवाज से खुली पोल
प्राप्त जानकारी के अनुसार 15 अक्तूबर की रात ग्राम पंचायत कुठेहड़ में पंचायत घर के समीप सड़क किनारे एक सूखा देवदार का पेड़ और उससे कुछ दूरी पर एक अन्य पेड़ काटे जाने का मामला सामने आया। रात के समय कटर चलने की आवाज सुनकर स्थानीय निवासी एवं कुठेहड़ पंचायत के पूर्व उपप्रधान ठाकुर राम लाल हरकत में आए और उन्होंने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी।

वन विभाग नहीं पहुंचा तो एसडीएम से की शिकायत
शिकायतकर्ता ठाकुर राम लाल का आरोप है कि पेड़ों के कटान की सूचना देने के बावजूद वन विभाग का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौके पर कार्रवाई करने नहीं पहुंचा। वन विभाग की इस उदासीनता के बाद उन्होंने करसोग के एसडीएम के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज करवाई। एसडीएम के संज्ञान में मामला आने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और लकड़ी को कब्जे में लेकर वन विभाग के सुपुर्द किया।

विभागीय मिलीभगत से हुआ कटान:  पूर्व उपप्रधान 
पूर्व उपप्रधान राम लाल ने आरोप लगाया है कि यह कटान विभागीय मिलीभगत से हुआ है। उन्होंने बताया कि इस पेड़ को काटने के लिए एक स्थानीय व्यक्ति को करीब एक वर्ष पहले टीडी (टिम्बर डिस्ट्रीब्यूशन) प्रदान की गई थी, लेकिन निर्धारित समय सीमा में पेड़ नहीं काटा गया। इसके बाद इस टीडी को लेकर सीएम हेल्पलाइन नंबर 1100 पर भी शिकायत दर्ज करवाई गई थी, जिसके चलते इस टीडी को रोक दिया गया था। शिकायतकर्ता का कहना है कि टीडी रुकने के बावजूद रातोंरात पेड़ काटा जाना सीधे तौर पर अवैध कटान है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।

क्या कहते हैं अधिकारी?
डीएफओ करसोग केबी नेगी ने बताया कि इस मामले में शिकायत प्राप्त हुई है। संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उधर, डीएसपी करसोग चांद किशोर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर काटी गई लकड़ी को कब्जे में लिया और उसे वन विभाग के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस अपने स्तर पर भी आगामी कानूनी कार्रवाई कर रही है।

जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई
यह कटान वैध टीडी के तहत हुआ है या फिर अवैध तरीके से, यह अब जांच का विषय है। वन विभाग की जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि पेड़ों के कटान में नियमों का पालन किया गया था या किसी स्तर पर अनियमितता बरती गई है।

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