Edited By Swati Sharma, Updated: 12 Oct, 2026 04:31 PM

जिला ऊना में संचालित सभी पात्र निजी कोचिंग सेंटरों को निर्धारित नियमों के तहत पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा। पंजीकरण के लिए 50 हजार रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है, जबकि पंजीकरण प्रमाण-पत्र तीन वर्ष के लिए वैध रहेगा।
Una News : जिला ऊना में संचालित सभी पात्र निजी कोचिंग सेंटरों को निर्धारित नियमों के तहत पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा। पंजीकरण के लिए 50 हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है, जबकि पंजीकरण प्रमाण-पत्र तीन वर्ष के लिए वैध रहेगा। नवीनीकरण के लिए 25 हजार रुपए शुल्क जमा करवाना होगा। अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) ऊना इशांत जसवाल ने कोचिंग सेंटर संचालकों को निर्धारित नियमों, विद्यार्थियों की सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं से संबंधित प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
उप निदेशक, उच्च शिक्षा कार्यालय में जमा होंगे आवेदन
एडीसी ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में जिला स्तरीय कमेटी की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में कोचिंग सेंटर्स (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) रूल्स के तहत पंजीकरण, आधारभूत सुविधाओं, विद्यार्थियों की सुरक्षा, फीस में पारदर्शिता और नियमों के अनुपालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा कर आवश्यक निर्णय लिए गए। जिला ऊना में संचालित सभी पात्र निजी कोचिंग सेंटरों को निर्धारित आवेदन पत्र भरकर उप निदेशक, उच्च शिक्षा, ऊना के कार्यालय में जमा करवाना होगा। आवेदन पत्र निर्धारित वेबसाइट पर उपलब्ध है। आवेदन के साथ 50 हजार रुपये पंजीकरण शुल्क भी जमा करवाना होगा। प्राप्त आवेदनों की जांच जिला स्तरीय कमेटी द्वारा निर्धारित नियमों एवं मानदंडों के अनुसार की जाएगी। सभी आवश्यक शर्तें पूरी करने वाले कोचिंग सेंटरों को तीन वर्ष की वैधता वाला पंजीकरण प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा। निर्धारित शर्तें पूरी नहीं करने वाले आवेदनों को अस्वीकृत किया जा सकता है। हालांकि, आवश्यक कमियां दूर करने के बाद संबंधित सेंटर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दोबारा आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
विद्यार्थियों की सुरक्षा और सुविधाओं पर जोर
आवेदन की जांच के दौरान आवश्यक सुविधाओं अथवा निर्धारित मानदंडों से संबंधित कमियां पाए जाने पर संबंधित कोचिंग सेंटर को उन्हें दूर करने के लिए अधिकतम तीन माह का समय दिया जा सकेगा। इस अवधि में सेंटर को निर्धारित शर्तें पूरी करनी होंगी। एडीसी ने कहा कि कोचिंग सेंटरों में विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप पर्याप्त कक्षाएं, उचित प्रकाश व्यवस्था, बेहतर वेंटिलेशन, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, अग्नि सुरक्षा तथा अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही शिक्षण व्यवस्था, पाठ्यक्रम, कक्षाओं के संचालन और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने से संबंधित निर्धारित प्रावधानों का पालन भी सुनिश्चित करना होगा।
फीस में पारदर्शिता और रिकॉर्ड रखना अनिवार्य
कोचिंग सेंटर संचालकों को विद्यार्थियों के प्रवेश, फीस, उपस्थिति तथा अन्य आवश्यक विवरणों का उचित एवं अद्यतन रिकॉर्ड रखना होगा। विद्यार्थियों से ली जाने वाली ट्यूशन फीस और अन्य शुल्कों में पारदर्शिता बनाए रखने के साथ-साथ फीस संबंधी निर्धारित प्रावधानों का पालन करना भी आवश्यक होगा। पंजीकृत कोचिंग सेंटरों को अपने पंजीकृत स्थान में परिवर्तन करने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित प्राधिकारी से अनुमति लेनी होगी।
नियमित निगरानी, शिकायतों की जांच और कार्रवाई
एडीसी ने बताया कि पंजीकृत कोचिंग सेंटरों के कामकाज की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय-समय पर जांच एवं निगरानी की जाएगी। कोचिंग सेंटरों के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। निर्धारित नियमों एवं शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कोचिंग सेंटर पर जुर्माना लगाने तथा आवश्यक परिस्थितियों में उसका पंजीकरण रद्द करने की कार्रवाई भी की जा सकेगी। पंजीकरण से संबंधित किसी निर्णय से असंतुष्ट कोचिंग सेंटर संचालक निर्धारित नियमों के अनुसार सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अपील प्रस्तुत कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, कोचिंग सेंटरों के संचालन को प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाए रखने के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए जा सकेंगे। एडीसी इशांत जसवाल ने जिला ऊना के सभी निजी कोचिंग सेंटर संचालकों से निर्धारित नियमों एवं शर्तों का पालन सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पंजीकरण प्रक्रिया, विद्यार्थियों की सुरक्षा, आवश्यक सुविधाओं और शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़े प्रावधानों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करना सभी संबंधित संस्थानों की जिम्मेदारी है।
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