Kangra: कैमिकल फ्री कागज पर छपेंगी स्कूल शिक्षा बोर्ड की किताबें, गुणवत्ता की होगी जांच

Edited By Kuldeep, Updated: 27 Oct, 2026 05:47 PM

dharmashala books chemical free

धर्मशाला स्थित हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए पाठ्य पुस्तकों की छपाई की तैयारियां तेज कर दी हैं।

धर्मशाला (सुनील): धर्मशाला स्थित हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए पाठ्य पुस्तकों की छपाई की तैयारियां तेज कर दी हैं। बोर्ड द्वारा विद्यार्थियों को बेहतर और टिकाऊ पाठ्य सामग्री उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से इस बार 80 जीएसएम के नए व कैमिकल फ्री कागज का इस्तेमाल किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत वर्जिन एग्रो पल्प और कैमिकल रहित पल्प से बने कागज पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि छपाई की स्पष्टता और पन्नों की मजबूती बनी रहे। किताबों के प्रकाशन से पहले कागज के नमूनों को सरकार से मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जाएगा।

लैब रिपोर्ट में सभी निर्धारित मानकों पर खरा उतरने के बाद ही इन पुस्तकों का वितरण प्रदेश भर के स्कूली बच्चों में किया जाएगा। इस संबंध में शिक्षा बोर्ड ने टैंडर प्रक्रिया शुरू करते हुए नियम व शर्तें जारी कर दी हैं। पुस्तकों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बोर्ड प्रशासन ने इस बार कड़े कदम उठाए हैं। टैंडर में शामिल होने वाली फर्मों को बोर्ड की शर्तों के अनुसार ही सामग्री का चयन करना होगा। मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में जांच सफल होने के बाद ही छपाई का कार्य आगे बढ़ाया जाएगा। इससे किताबों के फटने या छपाई धुंधली होने जैसी समस्याओं पर पूरी तरह से रोक लगेगी।

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा का कहना है कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने नए सत्र के लिए टैंडर आमंत्रित कर दिए हैं। इसमें कैमिकल फ्री और गुणवत्तापूर्ण कागज के प्रयोग की अनिवार्य शर्त रखी गई है, जिससे पन्नों की गुणवत्ता बेहतर रहे और विद्यार्थियों की सेहत पर भी कोई विपरीत असर न पड़े।

 

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