Edited By Kuldeep, Updated: 18 Oct, 2026 10:04 PM

तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा ने रविवार सुबह धर्मशाला स्थित मुख्य तिब्बती मंदिर पहुंचकर तिब्बती बौद्ध परंपरा के नौवें गेेशेमा दीक्षांत समारोह और वार्षिक जंग गुचोए कार्यक्रम में भाग लिया।
धर्मशाला (नितिन): तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा ने रविवार सुबह धर्मशाला स्थित मुख्य तिब्बती मंदिर पहुंचकर तिब्बती बौद्ध परंपरा के नौवें गेेशेमा दीक्षांत समारोह और वार्षिक जंग गुचोए कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होकर गेेशेमा की उपाधि प्राप्त करने वाली बौद्ध भिक्षुणियों को आशीर्वाद दिया। गेेशेमा की उपाधि तिब्बती बौद्ध मठ शिक्षा में सर्वोच्च शैक्षणिक योग्यताओं में से एक मानी जाती है। इसे हासिल करने के लिए भिक्षुणियों को बौद्ध दर्शन का लंबे समय तक अध्ययन करना पड़ता है और विभिन्न विषयों में अपनी समझ तथा ज्ञान का प्रदर्शन करना होता है।
यह उपलब्धि बौद्ध शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और उनकी शैक्षणिक प्रगति को भी दर्शाती है। गेेशेमा उपाधि प्राप्त करने वाली भिक्षुणियों के लिए यह समारोह उनकी वर्षों की मेहनत, अध्ययन और साधना की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस तरह के आयोजन तिब्बती बौद्ध शिक्षा की परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ-साथ मठों में महिलाओं की शैक्षणिक भूमिका को मजबूत करने में भी अहम योगदान देते हैं।