Kullu News: दूध के नमूनों में मिले डिटर्जैंट अवशेष, खाद्य सुरक्षा विभाग ने दी चेतावनी

Edited By Vijay, Updated: 12 Jun, 2026 04:53 PM

detergent residues found in milk samples food safety department issues warning

खाद्य सुरक्षा विभाग कुल्लू द्वारा चलाए गए विशेष निरीक्षण अभियान के दौरान दूध के अधिकांश नमूनों में डिटर्जैंट के अवशेष पाए जाने का मामला सामने आया है।

कुल्लू (निस) : खाद्य सुरक्षा विभाग कुल्लू द्वारा चलाए गए विशेष निरीक्षण अभियान के दौरान दूध के अधिकांश नमूनों में डिटर्जैंट के अवशेष पाए जाने का मामला सामने आया है। विभाग ने इसे गंभीर विषय मानते हुए दूध विक्रेताओं को स्वच्छता मानकों का कड़ाई से पालन करने की चेतावनी दी है और भविष्य में लापरवाही पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की बात कही है।

सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा कुल्लू अनिल शर्मा ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी खीम सिंह के नेतृत्व में विभागीय टीम ने शुक्रवार सुबह भुट्टी चौक में निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान लगभग 15 दूध और पनीर के एक नमूनों की जांच की गई। अभियान का उद्देश्य जागरूकता एवं निगरानी रहा, इसलिए तत्काल कानूनी कार्रवाई करने की बजाय संबंधित विक्रेताओं को सुधार का अवसर प्रदान किया गया। निरीक्षण के दौरान मोबाइल फूड टैस्टिंग लैब एमएफटीएल की प्रभारी एवं फूड एनालिस्ट दिव्या ठाकुर ने नमूनों की प्रारंभिक जांच की। जांच में अधिकांश दूध के नमूनों में डिटर्जैंट के अंश पाए गए, जबकि यूरिया व स्टार्च की मिलावट नहीं मिली।

विभाग के अनुसार प्रथम दृष्टया यह संभावना है कि दूध रखने वाले कंटेनरों और कैनों की सफाई के बाद उन्हें पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी से अच्छी तरह नहीं धोया गया, जिससे डिटर्जैंट के अवशेष दूध में पहुंच गए। उन्होंने कहा कि ऐसे रासायनिक अवशेष मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं और खाद्य सुरक्षा की दृष्टि से यह गंभीर मामला है।

उन्होंने दूध विक्रेताओं से कंटेनरों की अच्छी तरह सफाई करने की अपील की ताकि, किसी प्रकार के रासायनिक अवशेष की संभावना समाप्त हो सके। विभाग ने संबंधित विक्रेताओं को स्वच्छता मानकों का पूर्ण पालन करने के निर्देश दिए हैं, साथ ही चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि दोबारा रासायनिक अवशेष पाए जाते हैं अथवा खाद्य पदार्थ असुरक्षित श्रेणी में मिलते हैं तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 की धारा 59 के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अंतर्गत 1 से 10 लाख रुपए या उससे अधिक का आर्थिक दंड तथा कारावास तक का प्रावधान है। सहायक आयुक्त ने कहा कि विभाग भविष्य में भी निरीक्षण अभियान नियमित रूप से जारी रखेगा।

 

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