Edited By Kuldeep, Updated: 24 Jun, 2026 04:51 PM

श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट की बैठक अध्यक्ष एवं डीसी कुल्लू अनुराग चन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में हिमाचल प्रदेश मिल्कफैड के अध्यक्ष एवं ट्रस्ट के संस्थापक सदस्य बुद्धि सिंह ठाकुर सहित सरकारी एवं गैर-सरकारी सदस्यों ने वर्चुअल माध्यम से...
कुल्लू: श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट की बैठक अध्यक्ष एवं डीसी कुल्लू अनुराग चन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में हिमाचल प्रदेश मिल्कफैड के अध्यक्ष एवं ट्रस्ट के संस्थापक सदस्य बुद्धि सिंह ठाकुर सहित सरकारी एवं गैर-सरकारी सदस्यों ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया। बैठक में श्रीखंड महादेव यात्रा को लेकर चर्चा की गई तथा यात्रा मार्ग की सुरक्षा संबंधी विशेषज्ञों की रिपोर्ट पर विचार-विमर्श किया गया। डीसी अनुराग चन्द्र शर्मा ने कहा कि यात्रा मार्ग की सुरक्षा एवं व्यवहार्यता का आकलन करने के लिए राजस्व एवं वन विभाग के अधिकारियों तथा अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं संबद्ध खेल संस्थान (एबीवी मास) मनाली के विशेषज्ञों की संयुक्त टीम का गठन किया गया था।
टीम ने 8 तथा 18 जून को यात्रा मार्ग का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत की है। इसके अनुसार भीमद्वारी से पार्वती बाग तक का मार्ग वर्तमान परिस्थितियों में अत्यंत संवेदनशील एवं जोखिमपूर्ण पाया गया है। इस क्षेत्र में खड़ी ढलाने, अस्थिर एवं ढीली मिट्टी, संकरे और फिसलनयुक्त रास्ते तथा अनेक नालों के पारगमन जैसी चुनौतियां हैं। विशेषज्ञों ने आगामी मानसून के दौरान भूस्खलन, चट्टान गिरने, अचानक जलस्तर बढ़ने, फ्लैश फ्लड तथा मलबे के बहाव की गंभीर आशंका व्यक्त की है।
बैठक में एबीवी मास के स्की इंस्ट्रक्टर अंकुश कुमार एवं ट्रैकिंग गाइड गोपाल सिंह की रिपोर्ट का उल्लेख किया गया। इसके अनुसार वे कई वर्षों से श्रीखंड महादेव यात्रा से जुड़े रहे हैं तथा पार्वती बाग व आसपास के क्षेत्र की भौगोलिक एवं हिमनदीय परिस्थितियों का अनुभव रखते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान परिस्थितियों में श्रीखंड महादेव यात्रा का आयोजन सुरक्षित नहीं माना जा सकता और इसकी अनुशंसा नहीं की जाती। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भीमद्वारी और पार्वती बाग के बीच मौजूदा मार्ग के साथ-साथ प्रस्तावित वैकल्पिक मार्ग भी वर्तमान परिस्थितियों में असुरक्षित हैं।
किसी भी दुर्घटना अथवा आपदा की स्थिति में इस क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्य संचालित करना कठिन होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रभावित क्षेत्र की भूमि ढीले पत्थरों और अस्थिर मिट्टी से बनी है, जिस कारण वहां अस्थायी पुल, रस्सी मार्ग अथवा अन्य अस्थायी संरचनाओं का निर्माण भी सुरक्षित नहीं है। उन्होंने प्रभावित हिस्से को ‘हाई रिस्क जोन’ घोषित करने की अनुशंसा की है।
डीसी ने कहा कि जिला प्रशासन एवं श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट श्रद्धालुओं की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध हैं। वर्तमान स्थिति और रिपोर्ट के बाद यात्रा का आयोजन जोखिम पूर्ण होगा। उन्होंने ट्रस्ट के सदस्यों को भी इस रिपोर्ट पर किसी आपत्ति पर अपना सुझाव तहसीलदार को देने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि अंतिम निर्णय सुरक्षा मानकों तथा सभी संबंधित पहलुओं के परीक्षण के उपरांत ही लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन-जीवन एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा किसी भी परिस्थिति में सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।