Edited By Vijay, Updated: 09 Oct, 2026 03:35 PM

चम्बा जिले के चुराह उपमंडल में अचानक बदले मौसम ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। वीरवार रात करीब 8 बजे शुरू हुई तेज आंधी, भारी बारिश और ओलावृष्टि ने क्षेत्र में तबाही मचा दी।
तीसा (सुभानदीन): चम्बा जिले के चुराह उपमंडल में अचानक बदले मौसम ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। वीरवार रात करीब 8 बजे शुरू हुई तेज आंधी, भारी बारिश और ओलावृष्टि ने क्षेत्र में तबाही मचा दी। इस प्राकृतिक आपदा से किसानों की मटर की फसल को नुक्सान पहुंचा है, जिससे अन्नदाताओं की चिंताएं बढ़ गई हैं।
जानकारी के अनुसार चुराह उपमंडल की ग्राम पंचायत टेपा, देवीकोठी, घुलेई, तीसा-2, जुंगरा और पधर समेत कई ऊपरी क्षेत्रों में अचानक मौसम ने मिजाज बदल लिया। तेज हवाओं के साथ आसमान से बड़े-बड़े ओले गिरने शुरू हो गए। महज आधे घंटे तक चले इस ओलावृष्टि के तांडव से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। देखते ही देखते खेतों में ओलों की एक मोटी सफेद चादर बिछ गई, जिसे देखकर किसानों के चेहरे की हवाइयां उड़ गईं।
चुराह के इन ऊपरी क्षेत्रों में इन दिनों किसानों की मटर की फसल पूरी तरह तैयार होने की कगार पर थी। किसान इस बार बंपर पैदावार और अच्छे मुनाफे की उम्मीद लगाए बैठे थे। बाजार में फसल भेजने के सपने संजो रहे किसानों पर यह बेमौसम आफत किसी वज्रपात से कम नहीं है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, ओलावृष्टि से मटर के पौधों को भारी क्षति पहुंची है, जिससे किसानों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

जिला परिषद सदस्य ने नुक्सान का जल्द आकलन करने की लगाई गुहार
किसानों की इस दर्दनाक स्थिति को देखते हुए जिला परिषद सदस्य निर्मला भूटानी ने तुरंत मोर्चा संभाला है। उन्होंने एसडीएम चुराह राजेश जरयाल को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र में हुए नुक्सान का त्वरित आकलन करने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने कहा कि देवीकोठी, टेपा, घुलेई और पधर पंचायतों के गांवों में ओलावृष्टि से किसानों की कमर टूट गई है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि संबंधित विभाग के अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों को तुरंत फील्ड विजिट के निर्देश दिए जाएं, ताकि प्रभावित गांवों का मौके पर जाकर फसल नुक्सान का निष्पक्ष सत्यापन हो। इसके साथ ही जल्द से जल्द प्रभावित किसानों की सूची तैयार करने की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि सरकार के नियमानुसार प्रभावितों को उचित मुआवजा प्रदान कर इस आर्थिक संकट से राहत दी जाए।
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