Edited By Swati Sharma, Updated: 07 Jul, 2026 10:28 AM

Himachal Politics : कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि उसने अगले साल होने वाले हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत पार्टी ने कई संगठनात्मक कदम उठाने की घोषणा की है, जिनमें मंत्रियों और पदाधिकारियों को जिलेवार जिम्मेदारियां...
Himachal Politics : कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि उसने अगले साल होने वाले हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत पार्टी ने कई संगठनात्मक कदम उठाने की घोषणा की है, जिनमें मंत्रियों और पदाधिकारियों को जिलेवार जिम्मेदारियां सौंपना और अनुशासनहीनता के खिलाफ सख्त कार्रवाई शामिल हैं।
हिमाचल प्रदेश के लिए कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल बेहतर बनाने के लिए सभी मंत्रियों और जिला व ब्लॉक अध्यक्षों को एक-एक जिला सौंपा जाएगा। पाटिल ने कहा कि जिला और ब्लॉक स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों और पार्टी कार्यक्रमों की निगरानी के लिए राज्य मुख्यालय, राजीव भवन में एक ''समन्वय केंद्र'' बनाया गया है। उन्होंने कहा, ''राज्य में कांग्रेस के मंत्रियों को एक-एक जिले की जिम्मेदारी दी जाएगी, ताकि वे उन जिलों में पार्टी कार्यकर्ताओं से सीधे बातचीत करके संगठन के कामकाज को बेहतर बना सकें।'' उन्होंने आगाह करते हुए कहा कि सभी जिला और ब्लॉक पदाधिकारियों के काम की समीक्षा हर तीन महीने में की जाएगी और जो अपनी संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाने में नाकाम रहेंगे, उन्हें ''उनके पदों से हटा दिया जाएगा।''
कांग्रेस नेता ने कहा कि जल्द ही धर्मशाला में राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) की बैठक होगी और पार्टी के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल मुख्य वक्ता होंगे। राम मंदिर चढावा चोरी विवाद पर पाटिल ने कहा कि कांग्रेस दान की कथित ''चोरी और लूट'' के मुद्दे को प्रभावी ढंग से उठाएगी। उन्होंने कहा कि ''आस्था के नाम पर लूटपाट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जा सकती।'' उन्होंने इस मामले पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए कहा, ''जांच के नाम पर छोटी मछलियों को तो पकड़ा जा रहा है, लेकिन मुख्य दोषियों को छुआ तक नहीं जा रहा है।''
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