Edited By Vijay, Updated: 23 Oct, 2026 06:12 PM

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में 2-3 बार चुनाव हार चुके नेताओं की बजाय नए चेहरों को मौका दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस की ओर से किसी भी विधानसभा क्षेत्र में उम्मीदवार घोषित करने का अधिकार...
मंडी (रजनीश): हिमाचल प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में 2-3 बार चुनाव हार चुके नेताओं की बजाय नए चेहरों को मौका दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस की ओर से किसी भी विधानसभा क्षेत्र में उम्मीदवार घोषित करने का अधिकार स्थानीय नेताओं के पास नहीं है। उम्मीदवारों के चयन पर अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान ही करेगी। मंडी में शुक्रवार को वोट बचाओ-लोकतंत्र बचाओ कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर कांग्रेस नेताओं और पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने संगठन को मजबूत करने, सभी नेताओं को साथ लेकर चलने और आगामी चुनावों के लिए अभी से मेहनत करने का आह्वान किया। रजनी पाटिल ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता कौल सिंह ठाकुर का जिक्र करते हुए कहा कि वह प्रदेश के हर क्षेत्र में जाएंगी और उन्हें भी साथ लेकर चलेंगी। इस दौरान ऐसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा, जहां अच्छे उम्मीदवार सामने आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि वह किसी नेता को यह नहीं कहेंगी कि वह चुनाव लड़े या कोई दूसरा नेता चुनाव मैदान में उतरे।
कांग्रेस के उम्मीदवारों पर अंतिम फैसला हाईकमान का होगा
रजनी पाटिल ने कहा कि उम्मीदवारों का चयन पार्टी की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होगा और इसमें हाईकमान की भूमिका निर्णायक रहेगी। रजनी पाटिल ने 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले की संगठनात्मक तैयारियों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि जब कुलदीप राठौर को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया था, तब भी इसी तरह प्रदेशभर में कार्यक्रम और दौरे आयोजित किए गए थे। पार्टी नेताओं ने अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर कार्यकर्त्ताओं के साथ मिलकर चुनावी माहौल तैयार किया था। उसी तरह इस बार भी सभी नेताओं और कार्यकर्त्ताओं को एकजुट होकर काम करना होगा।
मुख्यमंत्री द्वारा उम्मीदवार घोषित करने के सवाल पर दी सफाई
रजनी पाटिल के संबोधन के बीच में एक कार्यकर्त्ता ने मुख्यमंत्री की ओर से बल्ह विधानसभा क्षेत्र से पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी को उम्मीदवार घोषित किए जाने की बात कह डाली, तो इस पर रजनी पाटिल ने कहा कि किसी भी उम्मीदवार की घोषणा करने का अधिकार केवल कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व और हाईकमान को है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने यदि नाम का जिक्र किया होगा, तो संभव है कि उन्होंने प्रेम और स्नेह के भाव से ऐसा कहा होगा, लेकिन इससे उम्मीदवार का अंतिम चयन तय नहीं हो जाता। उन्होंने स्पष्ट किया कि न वह स्वयं, न कौल सिंह ठाकुर, न मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और न ही कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अकेले उम्मीदवार घोषित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर अच्छे उम्मीदवारों के नाम हाईकमान के सामने रखे जाएंगे। उसके बाद हाईकमान जो निर्णय लेगा, पार्टी के नेताओं और कार्यकर्त्ताओं को उसे स्वीकार करना होगा।
सबको साथ आना पड़ेगा, नहीं तो घर बैठ जाएं
कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्त्ताओं को एकजुट रहने का संदेश देते हुए रजनी पाटिल ने कहा कि चुनाव जीतने के लिए सभी को साथ आना ही पड़ेगा। जो लोग संगठन के साथ मिलकर काम नहीं करना चाहते, उन्हें घर बैठ जाना चाहिए। उनके इस बयान को पार्टी के भीतर गुटबाजी और आपसी मतभेदों को समाप्त करने की अपील के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यदि प्रदेश में दोबारा सरकार बनानी है तो केवल मिशन रिपीट का नारा लगाने या एक बार सुक्खू, बार-बार सुक्खू का नाम लेने से काम नहीं चलेगा। इसके लिए प्रत्येक नेता और कार्यकर्त्ता को जमीन पर उतरकर मेहनत करनी होगी। पाटिल ने भरोसा दिलाया कि चुनावी तैयारियों और संगठन को मजबूत करने के प्रयासों में वह स्वयं भी पार्टी कार्यकर्त्ताओं के साथ मिलकर काम करेंगी।
कांग्रेस की महिला कार्यकर्त्ता को शेरनी व कंगना को बताया मोरनी
रजनी पाटिल ने अपने संबोधन में कांग्रेस की महिला कार्यकर्त्ताओं की सराहना करते हुए उन्हें शेरनी कहा। उन्होंने महिला कार्यकर्त्ताओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए मंडी संसदीय क्षेत्र की सांसद पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ लगातार बयानबाजी करने वाली सांसद को वह मोरनी कहेंगी। उनकी इस टिप्पणी ने कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया।
हिमाचल प्रदेश से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp group को Join करें