Edited By Vijay, Updated: 06 Aug, 2026 10:41 PM

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मुख्य विपक्षी दल भाजपा पर तीखा राजनीतिक प्रहार किया है। शिमला में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि 5 गुटों में बंटी हुई भाजपा, कांग्रेस सरकार के लिए कोई चुनौती नहीं है।
शिमला (कुलदीप): हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मुख्य विपक्षी दल भाजपा पर तीखा राजनीतिक प्रहार किया है। शिमला में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि 5 गुटों में बंटी हुई भाजपा, कांग्रेस सरकार के लिए कोई चुनौती नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के ये सभी गुट केवल एक-दूसरे को नीचा दिखाने की होड़ में लगे हैं और इसी कारण वे लगातार निराधार बयानबाजी कर रहे हैं।
उपचुनावों के जनादेश ने साबित किया जनता का साथ
मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता में आने के बाद कांग्रेस सरकार को कई गंभीर राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लेकिन, हाल ही में हुए विधानसभा उपचुनावों के परिणामों ने यह साबित कर दिया है कि प्रदेश की जनता सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि जनता ने सरकार की नीतियों पर अपनी मुहर लगाई है, जिससे यह स्पष्ट है कि प्रदेश में कांग्रेस का फिर से सत्ता में आना तय है।
केंद्र ने रोके 10 हजार करोड़, नहीं मिला आपदा का 1500 करोड़ का पैकेज
राज्य की आर्थिक स्थिति और केंद्र सरकार के रवैये पर CM सुक्खू ने कहा कि वर्तमान सरकार को विरासत में खाली खजाना मिला था। ऊपर से केंद्र सरकार ने राजस्व घाटा अनुदान की राशि को बंद कर दिया, जिससे राज्य को प्रतिवर्ष विकास कार्यों के लिए मिलने वाले करीब 10 हजार करोड़ रुपए का भारी नुक्सान हुआ। उन्होंने आपदा का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने अपने स्तर पर प्रभावितों को राहत पैकेज दिया, लेकिन प्रधानमंत्री द्वारा घोषित प्राकृतिक आपदा का 1,500 करोड़ रुपए का पैकेज आज दिन तक प्रदेश को नहीं मिला है। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि इन प्रतिकूल परिस्थितियों में सरकार ने हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने और राज्य के अधिकारों की लड़ाई लड़ी, लेकिन इस संघर्ष में भाजपा ने कभी प्रदेश सरकार का साथ नहीं दिया।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कांगड़ा टूरिज्म पर फोकस
सरकार की विकासात्मक उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। इसके तहत दुग्ध उत्पादकों और प्राकृतिक खेती से पैदा होने वाले उत्पादों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जा रहा है। इसके अलावा, कांगड़ा जिले को प्रदेश की टूरिज्म कैपिटल बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं, जिसमें कांगड़ा एयरपोर्ट का विस्तार प्रमुख रूप से शामिल है। इस कार्यक्रम के दौरान हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया और मंत्रिमंडल के कई अन्य सहयोगी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
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