Edited By Vijay, Updated: 02 Aug, 2026 07:06 PM

मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल चम्बा में फैकल्टी को मजबूत करने के लिए नियमों में आवश्यक छूट प्रदान की जाएगी। चिकित्सा महाविद्यालय में नई एक्स-रे मशीन, अत्याधुनिक लैप्रोस्कोपिक उपकरण, सीटी स्कैन मशीन और एम्स नई दिल्ली की तर्ज पर अत्याधुनिक तकनीक से युक्त 3...
चम्बा (काकू चौहान): मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल चम्बा में फैकल्टी को मजबूत करने के लिए नियमों में आवश्यक छूट प्रदान की जाएगी। चिकित्सा महाविद्यालय में नई एक्स-रे मशीन, अत्याधुनिक लैप्रोस्कोपिक उपकरण, सीटी स्कैन मशीन और एम्स नई दिल्ली की तर्ज पर अत्याधुनिक तकनीक से युक्त 3 टैस्ला एमआरआई मशीन स्थापित की जाएंगी। यह घोषणा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मेडिकल कॉलेज फैकल्टी सदस्यों एवं विद्यार्थियों के साथ संवाद के दौरान की। इस संवाद सत्र में उन्होंने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के संबंध में उनसे विचार-विमर्श भी किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चिकित्सा महाविद्यालय में 20 आईसीयू बैड स्थापित करने के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में फैकल्टी के सुदृढ़ीकरण के उपरांत संस्थान में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू करने की संभावनाओं को तलाशा जाएगा।
10 दिन के भीतर होगी 40 स्टाफ नर्सों की नियुक्ति
मुख्यमंत्री ने अगले 10 दिनों के भीतर चम्बा चिकित्सा महाविद्यालय में 40 स्टाफ नर्सों की तैनाती की घोषणा की। इसके अतिरिक्त रेडियोग्राफर तथा अन्य तकनीकी कर्मचारियों को भी नियुक्त किया जाएगा, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु एवं प्रभावी ढंग से मिल सकें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चिकित्सकों को विदेश में एक्सपोजर विजिट पर भेजने पर भी विचार कर रही है और इस संबंध में एक नीति तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के एक्पोजर विजिट चिकित्सकों को अन्य देशों की उन्नत चिकित्सा पद्धतियों एवं आधुनिक तकनीकों का अनुभव प्राप्त करने का अवसर देंगे, जिससे वे सर्वोत्तम स्वास्थ्य प्रणालियों का संचालन प्रदेश में सुनिश्चित कर सकेंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण प्राथमिकता, खर्च होंगे 3000 करोड़
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य अवसंरचना और स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण राज्य सरकार की प्राथमिकता है तथा इस दिशा में लगभग 3,000 करोड़ रुपए व्यय किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से न केवल प्रदेशवासियों को लाभ मिलेगा, बल्कि राज्य में स्वास्थ्य पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि वह आईजीएमसी शिमला, राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नाहन, चमियाणा, टांडा तथा नेरचौक मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी एवं विद्यार्थियों के साथ संवाद कर चुके हैं। इन संवाद सत्रों में प्राप्त सुझावों को राज्य सरकार द्वारा नीति निर्धारण की प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है। चिकित्सा महाविद्यालयों में मौजूद कमियों को दूर करने के लिए सुनियोजित प्रयास किए जा रहे हैं तथा सरकार का लक्ष्य इस वर्ष के अंत तक प्रदेश के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करवाना है।
चम्बा में कार्डियोलॉजी विभाग स्थापित
मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्बा चिकित्सा महाविद्यालय में कार्डियोलॉजी विभाग की स्थापना की जा चुकी है। इसके अलावा सीनियर रैजीडैंट (एसआर) के 23 पद तथा पोस्ट ग्रैजुएट (पीजी) के 28 पद स्वीकृत किए गए हैं, जिससे संस्थान में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी। उन्होंने कहा कि चम्बा में सीनियर रैजीडैंट छात्रावास के निर्माण के लिए 18.98 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं। सरकार ने पीजी एवं एसआर चिकित्सकों के स्टाइपैंड में भी वृद्धि की है तथा स्वास्थ्य सेवा निदेशालय (डीएचएस) और चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय (डीएमई) के कैडर को अलग किया गया है।
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