Edited By Swati Sharma, Updated: 13 Sep, 2026 01:54 PM

शक्तिपीठ श्री नयना देवी मंदिर में माता की रसोई की धार्मिक परंपरा तोड़े जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में पुजारी अभिषेक शर्मा ने नयना देवी पुलिस चौकी में लिखित शिकायत देकर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं एसडीएम नयना देवी के खिलाफ कार्रवाई की मांग...
Bilaspur News : शक्तिपीठ श्री नयना देवी मंदिर में माता की रसोई की धार्मिक परंपरा तोड़े जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में पुजारी अभिषेक शर्मा ने नयना देवी पुलिस चौकी में लिखित शिकायत देकर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं एसडीएम नयना देवी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
'माता की रसोई में बाहरी व्यक्ति के प्रवेश की परंपरा नहीं'
शिकायत में पुजारी ने आरोप लगाया है कि गत दिवस संबंधित अधिकारी माता की रसोई में प्रवेश गए तथा माता की आरती के लिए तैयार किए जा रहे भोग के बर्तनों को उठाया, जिससे रसोई की धार्मिक मर्यादा और परंपरा प्रभावित हुई। शिकायतकर्ता के अनुसार, माता की रसोई में बाहरी व्यक्ति के प्रवेश की परंपरा नहीं है और यहां माता के लिए प्रतिदिन 5 आरतियों के दौरान चढ़ाए जाने वाला भोग तैयार किया जाता है।मंदिर में होने वाली 5 आरतियों के लिए भोग माता की रसोई में ही तैयार होता है। सुबह की आरती में कड़ाह प्रसाद, दोपहर की आरती 5 प्रकार की सब्जियां, बासमती चावल और खीर का भोग लगाया जाता है। सायंकाल की आरती में चना-पूरी, जबकि रात्रि शयन आरती में फल और दूध का भोग लगाया जाता है।
पुजारी ने लगाया ये आरोप
यह पूरा भोग माता की रसोई में तैनात माता के रसोइये द्वारा निर्धारित परंपरा के अनुसार तैयार किया जाता है। शिकायत में बताया गया है कि भोग तैयार करने वाला रसोइया विधिवत स्नान करने के बाद धोती पहनकर रसोई में प्रवेश करता है और धार्मिक विधि के अनुसार भोग तैयार करता है। पुजारी ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने संबंधित अधिकारी से रसोई में प्रवेश करने को लेकर बात की तो उन्होंने कहा कि वह निरीक्षण कर रहे थे। पुजारी अभिषेक शर्मा ने पुलिस से मांग की है कि धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने का प्रयास करने के आरोप में संबंधित अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए।
आरोप निराधार, व्यक्ति खुद अनधिकृत रूप से पहुंचा- SDM
वहीं, एसडीएम नयना देवी धर्मपाल ने इन आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि वह मंदिर का निरीक्षण कर रहे थे। उन्होंने बताया कि संबंधित व्यक्ति की उस समय मंदिर में न वारी थी और न ही वह मुख्य पुजारी था। इसके वावजूद वह अनधिकृत रूप से वहां पहुंचा था। जब उसे रोका गया तो उसने इस तरह के आरोप लगाए हैं। एसडीएम ने कहा कि उनकी ओर से किसी भी धार्मिक परंपरा को नहीं तोड़ा गया है। वहीं, एसपी अभिषेक धीमान ने बताया कि शिकायत आई है। उन्होंने बताया कि मामले की नियमानुसार छानबीन की जा रही है।
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