Edited By Vijay, Updated: 13 Sep, 2026 07:29 PM

आजकल सड़कों पर लगे इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और ई-चालान कैमरों की तकनीकी खामियों के चलते आम लोगों को बेवजह परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
भराड़ी (राकेश): आजकल सड़कों पर लगे इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और ई-चालान कैमरों की तकनीकी खामियों के चलते आम लोगों को बेवजह परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही एक हैरान कर देने वाला मामला हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले की भराड़ी उपतहसील से सामने आया है, जहां एक व्यक्ति के घर पर खड़ी स्कूटी का तेज रफ्तार कार चलाने के आरोप में चालान कट गया।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत गाहर के गांव बाह निवासी प्रवीण कुमार उस समय हक्के-बक्के रह गए, जब उनके मोबाइल फोन पर ओवरस्पीडिंग के चालान का मैसेज फ्लैश हुआ। मैसेज में बताया गया कि यह चालान औहर (पलथी) क्षेत्र में वाहन की तेज रफ्तार के कारण किया गया है। हैरानी की बात यह थी कि जिस समय का यह चालान काटा गया, प्रवीण कुमार की स्कूटी उनके घर पर ही खड़ी थी और वे उस रास्ते पर गए ही नहीं थे।
नंबर के एक अंक ने किया खेल
जब प्रवीण कुमार ने चालान का मैसेज ध्यान से पढ़ा और ई-चालान का ऑनलाइन विवरण चैक किया, तो प्रशासन की भारी चूक सामने आई। दरअसल, जो चालान जनरेट हुआ था वह एक कार (नंबर HP 22D-8432) का था, जबकि प्रवीण कुमार के पास जो स्कूटी है उसका नंबर HP 23D-8432 है। दोनों वाहनों के नंबर में केवल जिला कोड 22 और 23 का अंतर है। चालान में स्पष्ट रूप से वाहन को कार बताया गया है, लेकिन सिस्टम की तकनीकी खामी या चालान काटने वाले कर्मी की टाइपिंग मिस्टेक के कारण यह चालान कार मालिक की बजाय स्कूटी मालिक प्रवीण कुमार के मोबाइल नंबर पर भेज दिया गया।
प्रशासन से गलत चालान हटाने की अपील
इस बेवजह की परेशानी से आहत प्रवीण कुमार ने स्पष्ट किया है कि उनकी स्कूटी औहर (पलथी) की तरफ गई ही नहीं थी। ऐसे में किसी दूसरी कार की ओवरस्पीडिंग का हर्जाना उन्हें भुगतने के लिए नोटिस भेजना पुलिस और परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है। उन्होंने संबंधित विभाग और पुलिस प्रशासन से अपील की है कि इस मामले की जांच कर इस कागजी/तकनीकी गलती को जल्द दुरुस्त किया जाए और उनके नाम पर दर्ज हुए इस गलत चालान को तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाए।
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