Edited By Vijay, Updated: 31 Oct, 2026 05:33 PM

आगामी सर्दियों के मौसम और शीतलहर की चुनौतियों से निपटने के लिए मंडी जिला प्रशासन ने अभी से कमर कस ली है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के अध्यक्ष एवं उपायुक्त अपूर्व देवगन ने जिले के सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के...
मंडी (रजनीश): आगामी सर्दियों के मौसम और शीतलहर की चुनौतियों से निपटने के लिए मंडी जिला प्रशासन ने अभी से कमर कस ली है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के अध्यक्ष एवं उपायुक्त अपूर्व देवगन ने जिले के सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य कड़ाके की ठंड में संवेदनशील और खुले आसमान के नीचे रहने वाली आबादी को सुरक्षित रखना है।
घुमंतू लोगों की मैपिंग और रैन बसेरों के निरीक्षण के निर्देश
उपायुक्त ने अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर शहरी क्षेत्रों, सड़कों के किनारे, बस अड्डों और बाजारों में रहने वाले घुमंतू और बेघर लोगों की पहचान कर उनकी मैपिंग करने के निर्देश दिए हैं, ताकि उन्हें समय पर राहत पहुंचाई जा सके। डीसी ने आदेश दिए हैं कि जिले के सभी रैन बसेरों का तुरंत निरीक्षण कर उन्हें पूरी तरह से क्रियाशील बनाया जाए। इन आश्रय स्थलों में पर्याप्त कंबल, गर्म कपड़े, हीटिंग (ताप) की व्यवस्था, पीने का साफ पानी और स्वच्छता का उचित प्रबंध अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने को कहा गया है।
अस्पतालों में 24 घंटे चिकित्सा सुविधा और दवाओं का स्टॉक रखने के निर्देश
शीतलहर से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग को भी विशेष रूप से सतर्क किया गया है। डीसी ने निर्देश दिए हैं कि अस्पतालों में आवश्यक दवाइयां और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं 24 घंटे उपलब्ध रखी जाएं। खासकर बुजुर्गों और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। इसके अलावा, आपात स्थिति में जरूरतमंदों की तुरंत मदद के लिए पुलिस, स्थानीय शहरी निकायों, स्वास्थ्य विभाग और स्वयंसेवी संस्थाओं को आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत
डीसी अपूर्व देवगन ने मंडी जिले के दूरदराज और अधिक ऊंचाई वाले उन क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी है, जहां बर्फबारी के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होता है। इसके साथ ही, प्रशासन ने आम जनता को जागरूक करने के लिए भी कदम उठाए हैं। लोगों को सुरक्षित हीटिंग के तौर-तरीकों (जैसे बंद कमरे में अंगीठी न जलाना) और उनके आसपास उपलब्ध सरकारी आश्रय स्थलों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित विभाग इन आदेशों का कड़ाई से पालन करें।
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