Edited By Kuldeep, Updated: 22 Sep, 2026 10:20 PM

हिमाचल की फार्मा इंडस्ट्री को लेकर अगस्त का ड्रग अलर्ट चिंता बढ़ाने वाला रहा है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन की ओर से जारी मासिक ड्रग अलर्ट में देशभर के 221 दवा और कॉस्मैटिक नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं।
सोलन (पाल): हिमाचल की फार्मा इंडस्ट्री को लेकर अगस्त का ड्रग अलर्ट चिंता बढ़ाने वाला रहा है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन की ओर से जारी मासिक ड्रग अलर्ट में देशभर के 221 दवा और कॉस्मैटिक नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। इनमें हिमाचल में निर्मित करीब 63 दवाओं के नमूने शामिल हैं। गुणवत्ता जांच में फेल उत्पादों में बच्चों के सिरप से लेकर एंटीबायोटिक, हृदय रोग, दर्द-बुखार, खांसी, पेट, किडनी और आंखों की दवाओं के अलावा इंजैक्शन व विटामिन उत्पाद भी शामिल हैं।
ड्रग अलर्ट के अनुसार देशभर में फेल नमूनों में 191 राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं और 29 केंद्रीय प्रयोगशालाओं की जांच में अधोमानक पाए गए, जबकि एक नमूना नकली पाया गया। हिमाचल के बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़, झाड़माजरी, भुड्ड, दवनी, गुल्लरवाला, कालाअंब, पांवटा साहिब, परवाणू, सोलन और कांगड़ा की दवा निर्माण इकाइयों के उत्पाद भी इस सूची में शामिल हैं।
जांच में कई उत्पाद डिसॉल्यूशन, कंटैंट, एस्से, स्टेरिलिटी, पीएच, पार्टिकुलेट मैटर और सक्रिय औषधीय तत्व की निर्धारित मात्रा जैसे महत्वपूर्ण गुणवत्ता मानकों पर विफल पाए गए। इससे संबंधित कंपनियों की उत्पादन प्रक्रिया और गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं।
हिमाचल के बाद उत्तराखंड और गुजरात
अगस्त के ड्रग अलर्ट में हिमाचल में निर्मित करीब 63 दवाओं के नमूने फेल पाए गए। इसके बाद उत्तराखंड की 39, गुजरात की 17, महाराष्ट्र की 16 और मध्य प्रदेश की 12 दवाएं गुणवत्ता जांच में असफल रहीं। तमिलनाडु और हरियाणा की 11-11, सिक्किम और उत्तर प्रदेश की 9-9 तथा पंजाब की आठ दवाओं के नमूने भी मानकों पर खरे नहीं उतरे।
कंपनियों को कारण बताओ नोटिस
राज्य औषधि नियंत्रक डॉ. मनीष कपूर ने बताया कि जिन कंपनियों के नमूने गुणवत्ता जांच में अधोमानक पाए गए हैं, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। संबंधित बैचों की बिक्री और वितरण पर रोक लगाने के साथ नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी गई है। कंपनियों से जवाब मांगा गया है।