Himachal: किन्नौर की चोटियों पर सीजन का पहला हिमपात, बारिश और ठंड ने बढ़ाई सेब बागवानों की चिंता

Edited By Vijay, Updated: 26 Sep, 2026 03:28 PM

snowfall on the peaks of kinnaur

हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला किन्नौर के ऊंचाई वाले इलाकों में इस सर्दी के मौसम का पहला हिमपात दर्ज किया गया है। वहीं, जिला मुख्यालय रिकांगपिओ सहित निचले क्षेत्रों में लगातार बारिश होने से पूरे जिले में तापमान में अचानक भारी गिरावट आई है....

रिकांगपिओ (राजकुमार): हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला किन्नौर के ऊंचाई वाले इलाकों में इस सर्दी के मौसम का पहला हिमपात दर्ज किया गया है। वहीं, जिला मुख्यालय रिकांगपिओ सहित निचले क्षेत्रों में लगातार बारिश होने से पूरे जिले में तापमान में अचानक भारी गिरावट आई है, जिससे इलाके में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह से ही मौसम ने अचानक करवट ली, जिसके चलते जिले के ऊंचाई पर स्थित सीमांत गांवों छितकुल और कुन्नू-चरंग इत्यादि में ताजा बर्फबारी हुई है। इसके विपरीत भावानगर, रिकांगपिओ और टापरी जैसे निचले इलाकों में बारिश का दौर जारी है।

मौसम के इस अचानक बदलाव ने जिले के बागवानों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। वर्तमान में किन्नौर के कल्पा और पूह विकास खंडों में सेब तुड़ाई का कार्य जोरों पर चल रहा है। बारिश और बर्फबारी के कारण न केवल सेब तुड़ाई का काम प्रभावित हुआ है, बल्कि उपज को सुरक्षित मंडियों तक पहुंचाने में भी बाधा उत्पन्न हो रही है। बागवानों को यह डर सता रहा है कि यदि तापमान में और गिरावट आती है, तो बर्फबारी के कारण सेब से लदे पेड़ों को भारी नुक्सान हो सकता है।

राहत की बात यह है कि अभी तक जिले की सभी प्रमुख सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह से खुली हुई हैं और कहीं से भी किसी प्रकार की अप्रिय घटना या नुक्सान की कोई सूचना नहीं मिली है। हालांकि, अचानक बढ़ी इस अत्यधिक ठंड के कारण स्थानीय लोगों को अब पूरी तरह से गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।

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